Search

चक्रधरपुर : सावन के अंतिम सोमवारी पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़

Chakradharpur (Shambhu Kumar) : सावन महीने के अंतिम सोमवारी पर चक्रधरपुर व आसपास क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही. सोमवार अहले सुबह से ही चक्रधरपुर के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी. जहां महिला पुरुष श्रद्धालुओं ने शिवलिंग की जल, दूध से अभिषेक किया. भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतुरा अन्य फल, फूल चढ़ाए गए. कई मंदिरों में भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया. वहीं पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटे गए. इस अवसर पर कई मंदिरों में रुद्राभिषेक भी किया गया. चक्रधरपुर की सोनुवा बस स्टैंड शिव मंदिर, लोको कॉलोनी शिव मंदिर, रेलवे के आरई कॉलोनी शिव मंदिर, पंडित हाता शिव मंदिर, श्मशान काली मंदिर स्थित शिव मंदिर, लोटापहाड़ स्थित बेगुना शिव मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-the-problems-of-chandil-and-nimdih-station-will-echo-in-adra-rail-division/">चांडिल

: आद्रा रेल डिविजन में गूंजेगी चांडिल और नीमडीह स्टेशन की समस्याएं

कोलचोकड़ा स्थित शिव मंदिर से निकाली गई कलश यात्रा

[caption id="attachment_742405" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/CKP-Jalabhishek-1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> कोलचोकड़ा से निकाले गए कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु.[/caption] सावन महीने के अंतिम सोमवारी पर चक्रधरपुर के कोलचोकड़ा स्थित शिव मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई. इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए. कलश यात्रा कोलचोकड़ा स्थित शिव मंदिर से निकलकर टोकलो रोड, पुरानी रांची रोड, भगत सिंह चौक, रांची रोड, थाना रोड होते हुए मुक्ति नाथ महादेव घाट पहुंची. जहां से श्रद्धालुओं ने कलश में जल भरकर मंदिर पहुंचे. यहां शिवलिंग पर जलाभिषेक किया गया. पूजा अर्चना के बाद दोपहर में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटे गए. इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//