Chakradharpur : चक्रधरपुर शहरी क्षेत्र स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तुलसी भवन में हर्षोल्लास के साथ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और महावीर जयंती समारोह का आयोजन हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन व मंगल ध्वनि के साथ वरिष्ठ आचार्य बिपिन कुमार मिश्रा ने किया. इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा भाषण, गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. रुपाली प्रधान, कसक कुमारी, सुदेश महतो, मुकुल रवानी, दीपक महतो, शिखा प्रधान, वेरोनिका कुदादा ने भाग लिया.
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: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाई डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती जीने की राह दिखाता है महावीर जयंती : प्रधानाचार्य
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश ठाकुर ने कहा कि अंबेडकर कठिन परिश्रम के समर्थक थे. उनका मानना था कि संघर्ष द्वारा ही अपने अधिकारों को पाया जा सकता है. बाबा साहेब को पढ़े बिना हम भारत के सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों को नहीं समझ सकते है. वे एक ऐसा आदर्श समाज बनाना चाहते थे जो समानता, स्वतंत्रता और बंधुता के विचारों से ओत प्रोत हो.
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: मुरूप में धुलौट के साथ हरिनाम संकीर्तन संपन्न अहिंसा को सबसे ऊंचा नैतिक गुण बताया
उन्होंने भगवान महावीर के विचारों को भी प्रस्तुत किया. महावीर जयंती जीवन की राह दिखाता है. महावीर ने अहिंसा को सबसे ऊंचा नैतिक गुण बताया. महावीर ने जैन धर्म के पंचशील सिद्धान्त बताएं, जो अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्य पर आधारित है. [wpse_comments_template]
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