झारखंड भाषा खतियान संघर्ष समिति की सभा को लेकर आयोजकों व मुख्य वक्ता पर होगी कार्रवाई [caption id="attachment_289052" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="227" /> चक्रधरपुर में घट के आगमन की प्रतीक्षा करतीं युवतियां एवं महिलाएं.[/caption]
भक्तों ने केरा एवं पाउड़ी मंदिर में माता को चढ़ाया जल
आज बुधवार को चक्रधरपुर के प्रसिद्ध मां केरा मंदिर तथा मां पाउड़ी मंदिर में व्रतियों एवं श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाव व पूजा-अर्चना की. भक्तों के लिये मां का पट सुबह पांच बजे से ही खोल दिया गया. दिन भर भक्तों ने मां केरा की दर्शन कर पूजा-अर्चना की. कल गुरुवार को केरा मेला एवं पाउड़ी मेला का समापन होगा.सैंकड़ों श्रद्धालु आग पर चल कर व कांटों पर लेट कर अपनी भक्ति प्रदर्शित करेंगे
इस दिन दोनों स्थानों पर कालिका घट निकलेगी. समूचा केरा गांव में कालिका घट को भ्रमण कराया जाएगा. वहीं समापन के दिन गुरुवार को सैंकड़ों श्रद्धालु आग पर नंगे पांव चल कर व कांटों पर लेट कर अपनी हठभक्ति प्रदर्शित कर मां को रिझाएंगे. ज्ञात हो कि केरा मेला पश्चिमी सिंहभूम का सबसे बड़ा व ऐतिहासिक मेला है. इसे भी पढ़ें: त्रिकूट">https://lagatar.in/trikoot-ropeway-incident-neither-the-prime-minister-nor-the-home-minister-spoke-to-cm-hemant-till-the-rescue-operation-was-underway/">त्रिकूटरोपवे हादसा : बचाव अभियान चलने तक न प्रधानमंत्री और न गृहमंत्री ने की सीएम हेमंत से बातचीत [wpse_comments_template]

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