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चक्रधरपुर : गौड़ सेवा संघ ने जाति विसंगति को दूर करने की मांग करते हुए विधायक को सौंपा पत्र

Chakradharpur (Shambhu Kumar) : गौड़ सेवा संघ ने विभिन्न समस्याओं को लेकर गुरुवार को विधायक सुखराम उरांव के नाम उनके पुत्र सन्नी उरांव को पत्र सौंपा. पत्र के माध्यम से कहा गया है कि कोल्हान प्रमंडल के तीनो जिला उडिया भाषी बहुल क्षेत्र है. तीनों जिला पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिंहभूम में लगभग 40 लाख मूलवासी एवं उडिया भाषा-भाषी जनता एवं गौड़, गोप, ग्वाला, प्रधान जाति के लोग कई समस्याओं से ग्रसीत है. जिसके लिए उचित विचार कर समस्याओं का समाधान करें. राष्ट्रीय अध्यापन शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त राजकीय प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय से सप्तम पत्र में उडिया भाषा को झारखंड अधिविध परिषद अध्यक्ष द्वारा समाप्त कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-mathematics-and-environmental-science-textbooks-of-government-schools-will-be-translated-into-the-language/">चाईबासा

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शपथ पत्र में उड़िया भाषा को पुनः शामिल करने की मांग

शपथ पत्र में पुनः उड़िया भाषा को शामिल करने की मांग की है. संविधान के अनुछेद 29 एवं 30 में निहित अपनी मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करने की अधिकार की रक्षा के तहत कोल्हान के प्रत्येक उड़िया भाषी गांव और नगर के सभी विद्यालय में उड़िया शिक्षक एवं पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराई जाए. कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र में उड़िया भाषा भाषी प्रधान जाति में उपजाति गौड, ग्वाला, गोप, महाकुड़ गोपाड गिरी, वारिक तेहरा हैं, जो ओबीसी की श्रेणी में ही आते है, परन्तु मूल खतियान में किसी किसी गांव में उपजाति अलग-अलग दर्ज है, इस वजह से ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है. इस विसंगती को दूर कर ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए उचित कार्रवाई किया जाए. मांग पत्र सौंपने के दौरान दिलीप प्रधान, एनएल प्रधान, एवं बारिक, ए प्रधान, विरेंद्र प्रधान मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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