Search

चक्रधरपुर : भाजपा ज्वाइन करने वाले थे कमलदेव गिरि, एक सप्ताह पहले कर दी गई हत्या

Chaibasa : कोल्हान में आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुये बिखरी पड़ी भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए तैयारियां शुरु कर दी गई. पार्टी को मजबूती प्रदान करने को लेकर साल के पहले महीने में 7 जनवरी को केन्द्रीय गृह मंत्री चाईबासा आ रहे हैं. इसका असर पार्टी पर कितना पड़ेगा यह तो समय ही बताएगा, लेकिन चक्रधरपुर में भी भारतीय जनता पार्टी मजबूत नहीं है. यहां से पिछला सांसद चुनाव लड़ चुके स्व. लक्ष्मण गिलुवा उस वक्त कांग्रेस की गीता कोड़ा से चुनाव हार गये थे. इसके बाद वे विधानसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन इस चुनाव में भी झामुमो के प्रत्याशी सुखराम उरांव से हार गये थे. चक्रधरपुर राजनीति का गढ़ भी माना जाता है, लेकिन यहां भीतरीघात का असर सीधे भारतीय जनता पार्टी के वोट पर पड़ा है. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-crpf-jawan-amit-shoots-himself-commits-suicide/">चक्रधरपुर

: सीआरपीएफ जवान अमित ने खुद को गोली मार की आत्महत्या

विधायक सुखराम से है कई बीजेपी नेताओं के अच्छे संबंध

चक्रधरपुर के भारतीय जनता पार्टी के अधिकांश नेताओं का बेहतर संबंध झामुमो के विधायक सुखराम उरांव से हैं. चक्रधरपुर में रामनवमी, दुर्गा पूजा, छठ पूजा जैसे आयोजन में विधायक सुखराम उरांव संरक्षक पद रहते पर हैं तो भाजपा नगर कमेटी के अधिकांश नेता व कार्यकर्ता अन्य पदों पर. वहीं ठेकेदारी के लिए भी भाजपा नेताओं का संपर्क झामुमो नेताओं से रहता है. इन सबके बीच जिला में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष का कमान सतीश पूरी को मिलने के बाद वे पार्टी को मजबूत करने में जुट गये. सतीश पूरी भी इस बात को समझते हुये भाजपा नगर कमेटी की पूरी टीम को ही बदलना चाहते थे. वे चाहते थे कि पिछले नगर परिषद् चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले व हिन्दूवादी युवा नेता कमलदेव गिरि भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करें. इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-uncle-of-the-main-conspirator-of-kamaldev-murder-case-arrested/">चक्रधरपुर

: कमलदेव हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता का चाचा गिरफ्तार

कमलदेव के पार्टी ज्वाइन करने से हो सकता था फेरबदल

कमलदेव गिरि को जिला कमेटी में बड़ी जिम्मेवारी भी मिलने वाली थी. इसे लेकर तैयारियां भी शुरु कर दी गई थी, लेकिन भाजपा नगर कमेटी के कुछ लोग कमलदेव को पार्टी में आना नहीं देना चाहते थे, क्यों कि कमलदेव गिरि के पार्टी ज्वाइन करने से नगर कमेटी में भी फेरबदल होना तय था. कमलदेव गिरि वर्ष 2022 के नवंबर माह में बीजेपी ज्वाइन करने वाले थे, इसके लिए उन्होंने घोषणा भी हो चुकी थी. वे रांची जाकर पार्टी ज्वाइन करने का मन बना चुके थे, लेकिन 12 नवंबर की देर शाम कमलदेव गिरि की चक्रधरपुर के भारत भवन के समीप बम व गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्या से कुछ देर पहले ही वे भाजपा के जिला कमेटी के कुछ लोगों से मिलकर वापस घर आ रहे थे. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-winter-continues-friday-was-the-coldest-day-of-the-year/">किरीबुरू

: सर्दी का सितम जारी, साल का सबसे ज्यादा ठंड भरा दिन रहा शुक्रवार

अशोक षाड़ंगी पीड़ित परिवार से नहीं मिले

कमलदेव गिरि की हत्या के बाद भाजपा के कई वरीय नेता कमलदेव गिरि के घर पहुंचे थे. केन्द्रीय रेल मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व  मुख्यमंत्री रघुवर दास, भाजपा के कद्दावर नेता अभय सिंह, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, जिलाध्यक्ष सतीश पूरी, पूर्व विधायक गुरुचरण नायक, पूर्व विधायक शशिभूषण सामड समेत अन्य कई वरीय नेता कमलदेव गिरि के परिजनों से घर आकर मिल चुके हैं, लेकिन नगर कमेटी के नगर अध्यक्ष को छोड़कर अन्य नेता कमलदेव गिरि के परिवार वालों से मिलने नहीं गये. वहीं भाजपा के वरीष्ठ नेता माने जाने वाले अशोक षाड़ंगी एक दिन भी परिवार से मिलने नहीं आये. जिसे लेकर चर्चाओं का बाजार अब भी गर्म है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp