Chakradharpur (Shambhu Kumar) : शहर के
पोटका स्थित आदिवासी मित्र मंडल मैदान में शुक्रवार शाम
ओलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की
118वीं जयंती धूमधाम के से मनाई
गई. इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि झारखंड की समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास मंत्री
जोबा माझी, चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव, पीपुल्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव डॉ विजय सिंह गागराई उपस्थित
थे. कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित रघुनाथ मुर्मू की तस्वीर पर फूल माला चढ़ाकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया
गया. इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से संथाल परंपरा के तहत विधिवत पूजा-अर्चना भी की
गई. कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीतों पर लोगों ने जमकर नृत्य
किया. 
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alt="" width="600" height="400" /> कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य पेश करते महिला पुरुष
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: बुद्ध पूर्णिमा पर पिल्लई हॉल में हुआ सामूहिक ध्यान का आयोजन ओडिशा के कलाकारों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति
मंत्री
जोबा माझी ने अपने संबोधन में कहा कि संथाल भाषा व साहित्य के विकास के लिए पंडित रघुनाथ मुर्मू ने कई अहम कार्य
किए. वे
ओलचिकी लिपि के
जनक थे, साथ ही उन्होंने कई नाटकों की भी रचना
की. कहा कि संस्कृति व सभ्यता ही हमारी पहचान है और इसे बचाए रखने में सभी की भागीदारी होनी
चाहिए. इस अवसर पर चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव, समाजसेवी डॉ विजय सिंह गागराई ने भी पंडित रघुनाथ मुर्मू की जीवनी से
जुड़ी बातों को बताते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात
कही. इस अवसर पर
ओडिशा से पहुंचे कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश
किया. यहां महिला पुरुष पारंपरिक परिधान में उपस्थित हुए
थे. इस अवसर पर आयोजन समिति के सभी सदस्यों के अलावा
बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित
थे. [wpse_comments_template]
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