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चक्रधरपुर : पंचायत उपबंध नियमावली का मानकी-मुंडाओं ने किया विरोध

 
Chakradharpur (Shambhu Kumar) : झारखंड पंचायत उपबंध नियमावली पर झारखंड सरकार द्वारा मांगे गए सुझाव को लेकर रविवार को आसनतलिया स्थित सभागार में बैठक आयोजित हुई. इसमें कोल्हान में चलने वाली पारंपरिक मानकी मुंडा स्वशासन व्यवस्था को पूरी तरह से दरकिनार किए जाने पर कोल्हान के तमाम मानकी-मुंडाओं ने खुल कर आपत्ति जताई. उपस्थित मानकी मुंडाओं ने कहा कि झारखंड सरकार ने झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की धारा 131 की उपधारा (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 2022 का औपबंधिक प्रारूप प्रकाशित किया है. इसमें संपूर्ण कोल्हान में विलकिंग्सन रूल्स के तहत चलने वाली स्वशासन मानकी मुंड व्यवस्था को पूरी तरह से दरकिनार किया गया. जो 1931-32 में कोल्हान में कोल विद्रोह के बाद थॉमस विलकिंग्सन के द्वारा 1837 में विलकिंग्सन रूल्स को बनाकर पारंपरिक मानकी-मुण्डा व्यवस्था को कानूनी जामा पहना कर कोल्हान में मानकी-मुंडा व्यवस्था को स्थापित की गई थी‌‌. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-tsuisl-organizes-painting-competition-for-school-children/">जमशेदपुर

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मानकी-मुंडाओं को अनदेखा करने का आरोप

बावजूद सरकार ने पेसा अधिनियम 1996 को दरकिनार करते हुए पारंपरिक मानकी-मुंडा स्वशासन व्यवस्था द्वारा संचालित मानकी-मुंडाओं को अनदेखा करते हुए ग्राम विकास समिति, सार्वजनिक संपदा समीति, कृषि समिति आदि को मानकी-मुंडाओं की जगह स्थान दिया है. बैठक में मुख्य रूप से मानकी कृष्णा सामड, मानकी अभय सोय, मानकी जयपाल जोंको, मथुरा गागराई, दोराई हांसदा, मुचिया सामड, प्रेमसिंह डांगिल, बासिल हेम्ब्रोम, प्रताप सिंह बानरा आदि उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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