Chakradharpur (Shambhu Kumar) : तपिश बढ़ने से शहर व ग्रामीण क्षेत्र का जन जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. चक्रधरपुर का पारा मंगलवार दिन में 41 से 42 डिग्री तक दर्ज किया गया. भीषण गर्मी के कारण हर कोई परेशान है. सुबह दस बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है. धूप से बचने के लिए लोग छांता, गमछा लेकर घर से बाहर निकल रहे हैं. वहीं चिलचिलाती धूप में कई लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. तेज गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना मजदूरी कर घर परिवार चलाने वाले ठेला चालक, रिक्शा चालक को हो रही है. दिन भर तेज गर्मी के बाद शाम में सूर्य की तपिश कम होने पर ही लोग घर से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं. इधर भीषण गर्मी को लेकर शहर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी,शरबत, कोल्ड ड्रिंक्स इत्यादि की बिक्री में भी बढ़ोत्तरी हुई है. इसे भी पढ़ें : GOOD">https://lagatar.in/771-posts-will-be-restored-in-sap-on-contract-basis-for-ex-servicemen/">GOOD
NEWS : पूर्व सैनिकों की संविदा के आधार पर SAP में 771 पदों होगी बहाली
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alt="" width="600" height="400" /> इस भीषण गर्मी में सरकारी व गैर सरकारी स्कूलें सुबह सात बजे से दिन के एक बजे तक संचालित हो रही है. ऐसी स्थिति में दिन के एक बजे कड़ी धूप में छुट्टी होने पर स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है. तेज गर्मी में कई ऐसे बच्चें लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं और दिन के एक बजे छुट्टी होने पर तेज धूप में घर जाने को विवश हो रहे हैं. इससे कई बच्चें बीमार भी पड़ रहे हैं. वहीं इसे लेकर बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है, स्कूल के समय में बदलाव करने की आवश्यकता है ताकि बच्चों को भीष्ण गर्मी में परेशानी न हो. [wpse_comments_template]
NEWS : पूर्व सैनिकों की संविदा के आधार पर SAP में 771 पदों होगी बहाली
भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों को बढ़ी परेशानी
alt="" width="600" height="400" /> इस भीषण गर्मी में सरकारी व गैर सरकारी स्कूलें सुबह सात बजे से दिन के एक बजे तक संचालित हो रही है. ऐसी स्थिति में दिन के एक बजे कड़ी धूप में छुट्टी होने पर स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है. तेज गर्मी में कई ऐसे बच्चें लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं और दिन के एक बजे छुट्टी होने पर तेज धूप में घर जाने को विवश हो रहे हैं. इससे कई बच्चें बीमार भी पड़ रहे हैं. वहीं इसे लेकर बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है, स्कूल के समय में बदलाव करने की आवश्यकता है ताकि बच्चों को भीष्ण गर्मी में परेशानी न हो. [wpse_comments_template]
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