साइकिल रैली निकाल दिया ईंधन बचाने का संदेश
संस्कृति शिक्षिका से मिलकर दिया उपहार
इस दौरान 86 बैच के विद्यार्थियों ने अपनी संस्कृत शिक्षिका मिस कमला मजूमदार से उनके निवास स्थान पर भेंट की. यादगार स्वरूप उन्हें उपहार के साथ सरोज की स्वलिखित दो पुस्तकें "द वाइल्उ इन मी" और "दिल की गहराइयों से" भेंट की. मिस मजूमदार की आंखें खुशी के आंसू से भर आए, जब उन्हें अपने पढ़ाए हुए विद्यार्थियों से स्नेह और आदर मिले. कृष्णा विश्वकर्मा और एंथनी फर्नांडो ने रहने, खाने और घूमने-घूमाने की सारी व्यवस्था की.पुनर्मिलन समारोह में अलग-अलग राज्यों से आए सहपाठी
[caption id="attachment_291904" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> चक्रधरपुर में पुनर्मिलन समारोह के दौरान 86 बैच के विद्यार्थी.[/caption] पुनर्मिलन समारोह में अलग-अलग राज्यों से 15 सहपाठी और दो बच्चे शामिल हुए. सभी की आंखों में स्नेह की नमी और ह्रदय में प्रेम की भावना दिखी. सारी यादों को संजो कर तीन दिन कैसे बीत गए, उन्हें पता ही नहीं चला. मनोज, विजया, रूबी, भानू, लॉरेन, सोमा, जबीन, पाल बॉबी, कृष्णा, एन्थोनी, शैरान, मल्लिकार्जुन, संजय, राजन, सरोज और उसके दो बच्चे यश और ख्याति इस पुनर्मिलन समारोह में शामिल होने वाले सदस्य थे. सबने अपना समय पुरानी यादों को संजोने में बिताया. एक दिन अपने विद्यालय जाकर अपने विद्यार्थी जीवन को जीवंत किया. बर्टन लेक के नज़ारों का लुत्फ उठाया. पंसुवां (सोनुवा) डैम में जाकर खूब मौज की और अंतिम दिवस पर खुशी में चार चांद लगाने के लिये कृष्णा और संजय के परिवार भी शामिल हुए. इसे भी पढ़ें: चाईबासा:">https://lagatar.in/chaibasa-naxalites-running-away-from-the-organization-due-to-the-security-forces-raid-and-surrender-policy/">चाईबासा:
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