Chakradharpur (Shambhu Kumar) : पश्चिमी सिंहभूम जिला के बंदगांव प्रखंड के बंदगांव में रविवार को सरना सोतो समिति के शाखा स्थापना दिवस के अवसर पर सरना धर्म प्रार्थना सभा सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया. इस मौके पर मुख्य रुप से चक्रधरपुर के पूर्व विधायक शशिभूषण सामड, पीपुल्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव समाजसेवी डॉ. विजय सिंह गागराई उपस्थित हुये. इस अवसर पर धर्मगुरु सोमा कंडीर की अगुवाई में सरनास्थल में सामूहिक पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख-समृद्धि की कामना की गई. इसे भी पढ़ें : लातेहार">https://lagatar.in/latehar-villagers-will-not-give-land-to-ntpc/">लातेहार
: एनटीपीसी को जमीन नहीं देंगे ग्रामीण
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alt="" width="600" height="400" /> मौके पर धर्मगुरु सोमा कंडीर ने कहा कि सरना धर्म एक विशाल वृक्ष की तरह है और हम धर्म रूपी विशाल वृक्ष के पत्ते हैं.जिस प्रकार पेड़ से पत्ते अलग होते ही सड़ जाता है उसी प्रकार धर्म से अलग होते ही हम बुराइयों से घिर जाते हैं.अत: बुराई तथा विपत्तियों से बचने के लिए हमेशा धर्म से जुड़े रहना चाहिए.कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी डॉ. विजय सिंह गागराई ने कहा कि सरना धर्म प्रेम, अहिसा व भाईचारा का पाठ पढ़ाता है. समाज से धीरे-धीरे सामूहिक और सहभागिता का ह्रास हो रहा है. इसे बचाए रखने के लिए सरना धर्म समाज और संस्कृति को बचाए रखने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-government-is-not-providing-employment-in-chidiya-mines/">चाईबासा
: चिड़िया माइंस में रोजगार उपलब्ध नहीं करा रही सरकार इस मौके पर पूर्व विधायक शशिभूषण सामड ने लोगों को अपने धर्म, संस्कृति व सभ्यता को बचाने की बात कही. कार्यक्रम देर शाम तक चला. इस अवसर पर मथुरा कंडीर, बिरसा कंडीर, टोटी ओडिया, सूरज मुंडा, सुखराम पूर्ति, डॉ सीताराम मुंडा, बुधराम मुंडा, योगेंद्र पूर्ति, कोलाय ओडिया, बंटी ओडिया, गोपाल बोदरा, जमुना मुंडा, बुधराम मुंडू, जगरनाथ मुंडरी, नंदू मुंडरी, चरण मुंडरी, माधु बारला, बुधन मुंडरी के अलावे पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सरायकेला-खरसावां जिला के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
: एनटीपीसी को जमीन नहीं देंगे ग्रामीण
alt="" width="600" height="400" /> मौके पर धर्मगुरु सोमा कंडीर ने कहा कि सरना धर्म एक विशाल वृक्ष की तरह है और हम धर्म रूपी विशाल वृक्ष के पत्ते हैं.जिस प्रकार पेड़ से पत्ते अलग होते ही सड़ जाता है उसी प्रकार धर्म से अलग होते ही हम बुराइयों से घिर जाते हैं.अत: बुराई तथा विपत्तियों से बचने के लिए हमेशा धर्म से जुड़े रहना चाहिए.कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी डॉ. विजय सिंह गागराई ने कहा कि सरना धर्म प्रेम, अहिसा व भाईचारा का पाठ पढ़ाता है. समाज से धीरे-धीरे सामूहिक और सहभागिता का ह्रास हो रहा है. इसे बचाए रखने के लिए सरना धर्म समाज और संस्कृति को बचाए रखने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-government-is-not-providing-employment-in-chidiya-mines/">चाईबासा
: चिड़िया माइंस में रोजगार उपलब्ध नहीं करा रही सरकार इस मौके पर पूर्व विधायक शशिभूषण सामड ने लोगों को अपने धर्म, संस्कृति व सभ्यता को बचाने की बात कही. कार्यक्रम देर शाम तक चला. इस अवसर पर मथुरा कंडीर, बिरसा कंडीर, टोटी ओडिया, सूरज मुंडा, सुखराम पूर्ति, डॉ सीताराम मुंडा, बुधराम मुंडा, योगेंद्र पूर्ति, कोलाय ओडिया, बंटी ओडिया, गोपाल बोदरा, जमुना मुंडा, बुधराम मुंडू, जगरनाथ मुंडरी, नंदू मुंडरी, चरण मुंडरी, माधु बारला, बुधन मुंडरी के अलावे पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सरायकेला-खरसावां जिला के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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