Chakradharpur (Shambhu Kumar) : ओडिशा भाषा, साहित्य व-संस्कृति को जीवित रखने के लिए
ओडिया समाज के हर वर्ग को एकजुट होना
होगा. यह बातें कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति गंगाधर पंडा ने
कही. वे शनिवार को चक्रधरपुर की
उत्कलमणि विद्या मंदिर विद्यालय में आयोजित उत्कल दिवस समारोह को संबोधित कर रहे
थे. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में
ओडिया भाषा को जीवित रखने के लिए समाज के युवक-युवतियां
नि:श्वार्थ विभिन्न स्कूलों में परिश्रम कर रहे
है. लेकिन
ओडिशा सरकार पिछले दो सालों से अनुदान नहीं दे रही
है. ओडिशा सरकार को
ओडिया भाषा जीवित रखने के लिए कार्य करने की
अवश्यकता है. तभी जाकर
ओडिया भाषा, साहित्य व संस्कृति जीवित
रहेगी. इससे पहले पंडित
गोपाबंधु दास, पंडित
गोदावरीश मिश्र व उत्कल गौरव मधुसूदन दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया
गया. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-child-care-parenting-workshop-organized-at-padmavati-jain-saraswati-shishu-mandir/">नोवामुंडी
: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में शिशु वाटिका-अभिभावक पर कार्यशाला आयोजित समाज के विकास का लिया संकल्प
[caption id="attachment_596657" align="aligncenter" width="600"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/ckp-odiya-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथिगण ओडिया समाज के लोग[/caption]
समारोह में उपस्थित समाजसेवी डॉ लक्ष्मीकांत मोहंती,
डॉ प्रमोदिनी पंडा, कोल्हान विश्वविद्यालय के वित्तीय पदाधिकारी डॉ प्रभात कुमार पानी ने
ओडिया भाषा व समाज के उत्थान को लेकर चर्चा
की. तत्पश्चात सभी ने
ओडिया समाज के विकास में अपनी संपूर्ण भागीदारी निभाने का संकल्प
लिया. इस अवसर पर वंदे उत्कल जननी गीत की भी प्रस्तुति दी
गई. साथ ही स्कूल के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश
किया. इस अवसर पर जवाहर लाल नेहरु कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ नागेश्वर प्रधान, सरोज कुमार प्रधान, सत्य प्रकाश कर, कामाख्या प्रसाद साहु, पीके नंदा, केदार नाथ प्रधान, सुशांत मोहांती,
अनील देहुरी, प्रणव मिश्र, अंबिका चरण दिक्षित, सनातन विद्याणी, गोपाल चंद्र दास समेत
ओड़िया समाज के लोग मौजूद
थे.
Leave a Comment