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चक्रधरपुर : बुरुडीह जंगल में पत्ता, दातुन व लकड़ी लाने गई महिलाओं को वन विभाग ने खदेड़ा

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Chakradharpur : केरा वन प्रक्षेत्र अंतर्गत बुरुडीह जंगल में हुडागदा पंचायत के टेंटईपदा गांव की दर्जनों महिलाएं गुरुवार की दोपहर को पत्ता, दातून और जलावन की लकड़ी लाने गई थीं। वहां वन विभाग के कर्मियों ने महिलाओं से लकड़ी काटने कुल्हाड़ी व अन्य हथियार जब्त कर खदेड़ दिया. इसके विरोध में शुक्रवार को टेंटईपदा गांव में मुखिया विजय नाग की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में भाजपा नेता सह पूर्व विधायक शशि भूषण सामड मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. ग्रामीणों ने कहा कि दो सालों से लॉक डाउन के कारण लोग पत्ता, दातून बेच कर अपना परिवार चला रहे हैं. वहीं गांव में जोमनामा (नुआ खाई) त्योहार मनाने के लिए गुरुवार को दर्जनों महिलाएं जंगल से पत्ता, दातून और जलावन की लकड़ी लाने गई थीं. इस बीच वाचर हीरालाल बोदरा ने वन विभाग को सूचना देकर बुलाया. इसके बाद वन विभाग के कर्मियों ने जंगल से महिलाओं को खदेड़ दिया.

आदिवासी की सरकार बनी लेकिन आदिवासियों को ही जल, जंगल से किया दूर

[caption id="attachment_168074" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/CKP-BURUDIH-0-2-300x184.jpg"

alt="" width="300" height="184" /> ग्रामीणों की समस्या सुनते पूर्व विधायक शशि भूषण सामड.[/caption] पूर्व विधायक सामड ने कहा कि दो वर्षों से लॉक डाउन होने के कारण लोगों को रोजी रोजगार नहीं मिल रहा है. परिवार चलाने के लिए आदिवासी गरीब महिलाएं जंगल से पत्ता, दातून लाकर बाजार में बेचती हैं और अपना परिवार चलाती हैं, लेकिन वन विभाग भले ग्रामीणों को लकड़ी तस्करी का आरोप लगाते हुए परेशान कर रही है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन के लिए आदिवासी की सरकार बनी, परंतु आदिवासियों को ही सरकार ने जल, जंगल और जमीन से दूर कर दिया है. इस कारण आज गरीब आदिवासियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. उन्होंने कहा कि जंगल में बड़े-बड़े लकड़ी माफियाओं का राज बढ़ रहा है, परंतु माफियाओं को पकड़ने के बजाए वन विभाग गरीब आदिवासी महिलाओं को परेशान कर रही है. यह अन्याय है. इसके विरोध में ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे. प्रत्येक गांव में जोमनामा (नुआ खाई) का त्योहार मनाया जा रहा है.

गांव की 33 महिलाएं गई थीं जंगल

[caption id="attachment_168076" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/CKP-BURUDIH-20-300x197.jpg"

alt="" width="300" height="197" /> जंगल से खदेड़े जाने की जानकारी देती महिलाएं.[/caption] जोमनामा (नुआ खाई) त्योहार में पत्ता, दातून और लकड़ी की पूजा होती है, जिसे लाने के लिए 33 महिलाएं एकजुट होकर जंगल गई थीं. इसमें फूलमती नायक, पैदाश्वरी नायक, मुगडी कालिंदी, बसंती कोई, सपनी बोदरा, शुरू सुंडी, रायमुनि गागराई, शुरू गागराई, सोमवारी बोदरा, शिवानी बोदरा, शीला बोदरा, राई कुई, लक्ष्मी बोदरा, मंजो बोदरा, बिरंग बोदरा, मंजारी बोदरा, कैरी पूर्ति, यमुना कुई बोदरा, सावित्री बोदरा, नानीका बोदरा, फूलमती बोदरा, बसंती सुंडी, हेमती बोदरा, जानो कुई, शुरू कोई, रादाई पूर्ति, सपानी बोईपाई, मेचो पूर्ति, रानी सुंडी, लक्ष्मी सुंडी, सुरजो टूटी, सुशील पूर्ति, नामेला बोदरा शामिल हैं.

छह माह से गांव का ट्रांसफार्मर खराब, नहीं है चापाकल, पानी के लिए होती है परेशानी

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने गांव की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि राशन डीलर द्वारा कार्डधारियों को अनाज में कटौती किया जाता है. सरकार की ओर से मुफ्त में मिलने वाले अनाज वितरण से भी लोगों को वंचित रखा जा रहा है. इसके बाद पूर्व विधायक ने शीघ्र राशन डीलर मनोज षाड़ंगी को बुलाकर कार्डधारियों के बीच उचित माफी के अनुसार अनाज का वितरण करने को कहा. वज्रपात होने के कारण गांव में पिछले 6 माह से ट्रांसफार्मर खराब है. ग्रामीणों ने शीघ्र ट्रांसफार्मर लगवाने की मांग की. साथ ही गांव के गड़ासाई में एक चापाकल लगवाने का आग्रह किया गया. पूर्व विधायक ने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की सभी समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क स्थापित करेंगे. मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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