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चक्रधरपुर: दर्शनशास्‍त्र का नई शिक्षा नीति में बताया महत्व

Chakradharpur : कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा के पीजी दर्शनशास्त्र विभाग में गुरुवार को एक दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया. व्याख्यानमाला के विषय `वर्तमान समय में दर्शनशास्त्र विषय की प्रासंगिकता` पर सभी विद्वानों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए. विभागाध्यक्ष डॉ. दीपंजय श्रीवास्तव ने सभी वक्ताओं का विभाग में स्वागत करते हुए विषय प्रस्तावना पर प्रकाश डाला. इसे भी पढ़ें: LIC">https://lagatar.in/lic-ipo-investors-will-be-able-to-invest-money-on-saturday-sunday-too-nse-issued-notification/">LIC

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नौकरी में संभावना व सफलता के गुर बताए

बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय राष्ट्रीय प्रभारी उच्च शिक्षा विभाग महेन्द्र कुमार ने दर्शनशास्त्र का नई शिक्षा नीति में महत्व को बताया. विशिष्ट अतिथि विभागाध्यक्ष संत कोलम्बस महाविद्यालय हजारीबाग डॉ. राजकुमार चौबे ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए बताया कि दर्शनशास्त्र के विद्यार्थियों को नौकरी में कहां कहां सम्भावना है और वे कैसे सफल हो सकते हैं.

विद्यार्थियों ने अपने जिज्ञासाओं का उत्तर भी पाया

शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि दर्शनशास्त्र का प्रत्येक विद्यार्थी ही अपने जीवन में धर्म, नीति, तर्क आदि का गहन अध्ययन कर सफल हो सकता है और समाज और देश में अपना योगदान दे सकता है. व्याख्यानमाला में विद्यार्थियों ने अपने प्रश्नों को पूछ कर अपने जिज्ञासाओं का उत्तर भी पाया. व्याख्यानमाला कार्यक्रम में डॉ. पास्कल बेक,  डॉ. बिनीता कच्छप के अलावा दर्शनशास्त्र के विद्यार्थी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: माइनिंग">https://lagatar.in/jharkahnd-news-mining-lease-case-cm-filed-a-reply-to-the-personally-issued-notice-in-the-high-court/">माइनिंग

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