Chakradharpur (Shambhu Kumar) : चक्रधरपुर की जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी हांसदा ने शुक्रवार को हतनातोडांग पंचायत के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया. हतनातोडांग मध्य विद्यालय की आठवीं कक्षा में उन्हें एक छात्र रोमांटिक शायरी की किताब पढ़ते हुए मिला. विद्यालय में अव्यवस्था का आलम देख वे काफी नाराज हुईं. विद्यालय के एक कमरे में बच्चे ही अन्य बच्चों को पढ़ाते दिखे. बेंच के अभाव में बच्चे जमीन पर बैठे थे. इस बारे में जब प्रधानाध्यापक भोला नाथ मुर्मू से बात की तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में कुल चार शिक्षक हैं. इसमें एक अवकाश पर और दूसरे शिक्षक दूसरे विद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं. क्लास रूम में शिक्षक के लिए टेबल, चेयर, बच्चों के लिए बेंच डेस्क की कमी है. इस बारे में विभाग को अवगत कराया गया है. फंड आने पर खरीदारी की जाएगी. विद्यालय में अव्यवस्था का आलम रहने पर जिला परिषद लक्ष्मी हांसदा ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए. अगर पूर्व से समस्याएं हैं तो उसका निदान हो जाना चाहिए था. जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी हांसदा ने कहा कि विद्यालय में बाउंड्रीवॉल भी नहीं है. इस विद्यालय में एक से आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई होती है. इस बारे में विभाग के वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा. जांच के दौरान प्रधानडीह विद्यालय बंद मिला. बुझुसाई विद्यालय के आसपास गंदगी का अंबार व बदबू के कारण बच्चों व शिक्षकों को होने वाली परेशानी से अवगत हुईं. [caption id="attachment_373192" align="aligncenter" width="1052"]

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alt="" width="1052" height="599" /> जमीन पर बैठ कर पढ़ते बच्चों से बात करतीं लक्ष्मी हांसदा.[/caption]
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/CKP-JIP-1.jpg"
alt="" width="1080" height="602" /> शिक्षकों से बात करतीं लक्ष्मी हांसदा.[/caption] जांच के दौरान जिला परिषद लक्ष्मी हांसदा ने पाया कि सरकारी विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण दिक्कतें हो रही हैं. विद्यालय प्रांगण में असामाजिक तत्वों के लोग घुस जाते हैं. कुछ लोगों द्वारा विद्यालय के आसपास गंदगी फैलाई जाती है. इसे रोकने के लिए बाउंड्रीवॉल का होना जरूरी है. [wpse_comments_template]
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