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चाकुलिया : धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान बेचने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं किसान

Chakulia : बाजार में धान की कीमत 18.50 प्रति क्विंटल होने और सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति केंद्र में बेचे गए धान की कीमत विलंब से भुगतान करने के कारण इस वर्ष किसान धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान बेचने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. प्रखंड के मुटूरखाम लैंपस में इस वर्ष अब तक 15,296 क्विंटल धान की खरीदी हो पाई है. 298 किसानों ने केंद्र में धान बेचा है. पिछले वर्ष दिसंबर से अप्रैल तक इस लैंपस में 55,000 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी. प्रखंड के अन्य लैंपसों में भी धान खरीदी की रफ्तार इस वर्ष काफी धीमी है. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragora-students-of-plus-two-high-school-khandamouda-did-an-educational-tour/">बहरागोड़ा

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खुले बाजार में धान बेचने पर किसानों को धन की रकम नगद प्राप्त हो जा रही है. वहीं धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान बेचने पर किसानों को इसी के लिए 5- 6 माह इंतजार करना पड़ता है. मुटूरखाम कैंपस के सचिव गोपाल पात्र ने बताया कि इस वर्ष किसान धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान बेचने के लिए उत्सुक नजर नहीं आ रहे हैं. खुले बाजार में किसान 1850 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान बेच रहे हैं. धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान बेचकर पैसे के लिए किसान 5- 6 माह का इंतजार करने के मूड में नहीं हैं. [wpse_comments_template]

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