: कोल्हान विवि के शिक्षकेत्तर कर्मचारी को नहीं मिल रहा सातवां वेतनमान, कर्मचारी परेशान
स्वर्णरेखा नदी तट पर 20 फीट तक ऊंचे कूमे बनाए गए हैं
अन्य राज्यों में रोजगार की तलाश में गए लोग अब अपने गांव लौटने लगे हैं. मकर के दिन सुबह में स्नान कर आग तापने के के लिए सूखे पत्तों से विभिन्न जल स्रोतों के पास कूमा बनाने का काम पूरा हो गया है. एक माह पहले से ही लोगों ने ताड़ और खजूर के पत्तों की कटाई शुरू कर दी थी. विभिन्न गांव में तालाब और छोटी नदियों से लेकर गांव तक कूमे बन गए हैं. स्वर्णरेखा नदी के किनारे तो 20 फीट तक ऊंचे कूमे बनाए गए हैं. मकर के दिन स्नान करने के बाद लोग इन कूमों में आग लगाकर आग तापते हुए घर आते हैं. ग्रामीण पीठा और पकवान की तैयारी में जुट गए हैं. नए वस्त्र खरीदने का सिलसिला शुरू हो गया है. जो ग्रामीण परदेस में कुछ कमा कर लौटे हैं, उनमें खासा उत्साह देखा जा रहा है. गांवों में मकर मेला की तैयारी शुरू हो गई है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-results-of-various-cultural-competitions-organized-by-mataji-ashram-hata-announced/">जमशेदपुर: माताजी आश्रम हाता द्वारा आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित [wpse_comments_template]

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