Chakulia : चाकुलिया वन क्षेत्र में महुआ के पेड़ फूलों से लदने लगे हैं. कुछ दिनों बाद महुआ के फूल झड़ेंगे और ग्रामीण उन्हें चुनकर और सुखाकर बेचना शुरू करेंगे. विदित हो कि पतझड़ के साथ ही महुआ के पेड़ों से फूल निकलने शुरू हो जाते हैं. महुआ का फूल क्षेत्र का एक प्रमुख वनोत्पाद है. ग्रामीणों की आय का एक प्रमुख जरिया है. ग्रामीण महुआ फूल चुनकर और सुखाकर व्यापारियों को बेजते हैं. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6/">आदित्यपुर
: कांड्रा गिद्दीबेड़ा टोल के पास बंद शौचालय में मिला कंकाल, क्षेत्र में फैली सनसनी इससे ग्रामीणों को अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है. महुआ के पेड़ ग्रामीणों को दोहरी आय प्रदान करते हैं. फूल के बाद पेड़ पर फल निकलते हैं. फल के बीज को ग्रामीण बेचते हैं. महुआ के बीज को कोचड़ा कहा जाता है. इससे तेल निकलता है. इसके तेल का प्रयोग खाने में भी होता है और दीपक भी जलाए जाते हैं. हालांकि पहले की तुलना में अब जंगल तथा रैयती जमीन पर महुआ के पेड़ काफी कम हो गए हैं. [wpse_comments_template]
चाकुलिया : फूलों से लदने लगे महुआ के पेड़

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