: परमपिता ब्रह्मकुमारी आश्रम का रक्तदान शिविर 15 अक्टूबर को
उचित देखरेख के अभाव में मूर्ति की हालत जर्जर
लगभग 20 साल पहले नाला के किनारे स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति उचित देखरेख के अभाव में जर्जर हाल में है. मूर्ति पर छतरी भी नहीं है. नाला को स्लैब से ढंका भी नहीं गया है. मोड़ पर सड़क से बिल्कुल सटी हुई मूर्ति कभी भी किसी वाहन के धक्के से ध्वस्त हो सकती है. क्योंकि इस सड़क से दिन-रात भारी मालवाहक वाहनों का परिचालन होता है. मूर्ति का चबूतरा फट गया है और मूर्ति एक तरफ थोड़ी झुक गई है. साथ ही मूर्ति के पीछे मुख्य नाले की तरफ कचरे और गंदे पानी के बहाव से मूर्ति का चबूतरा पीछे से खोखला हो रहा है. मूर्ति के आसपास अक्सर गंदगी और कचरे का अंबार लगा रहता है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-tata-asansol-intercity-express-canceled-passengers-upset/">जमशेदपुर: टाटा-आसनसोल इंटरसिटी एक्सप्रेस रद्द, यात्री परेशान
पंचायत के तहत भी नहीं होती है मूर्ति की देखभाल
ऐसे में रेलवे की जमीन पर होने के कारण मूर्ति की देखभाल नगर पंचायत के तहत भी नहीं होती है. स्थानीय लोग मूर्ति का स्थान बदलने यानी कि नाले के पास से मूर्ति को हटाकर अन्यत्र स्थापित करने की मांग भी कर रहे हैं. मालूम हो कि मूर्ति स्थल के आसपास रेलवे कि काफी जमीन है. वहीं, इस मसले पर वार्ड नंबर-11 की वार्ड पार्षद वंदना मल्लिक के प्रतिनिधि प्रदीप मल्लिक ने कहा कि मूर्ति के जीर्णोद्धार के लिए नगर पंचायत प्रशासन को पत्र लिखेंगे. बहरहाल देखना है कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति को नाले से कब आजादी मिलती है? इसे भी पढ़े : बंदगांव">https://lagatar.in/bandgaon-government-organized-special-gram-sabha-for-your-door-program-in-leyangi/">बंदगांव: लेयांगी में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के लिए विशेष ग्राम सभा आयोजित [wpse_comments_template]

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