Chakulia (Dharish Chandra Singh) : चाकुलिया नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक में स्थित सीएचसी के पास नगर पंचायत के तहत लाखों की लागत से स्थापित बोरिंग (पंप हाउस) बिजली के अभाव में चार साल से बेकार पड़ा है. नगर पंचायत प्रशासन द्वारा इस बोरिंग को चालू करने की दिशा में ठोस पहल नहीं की जा रही है. इसके आसपास के इलाके में पेयजल की गंभीर समस्या है. जानकारी हो कि इस वार्ड के गोविंदपुर गांव के ग्रामीण भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. यहां पाइप लाइन बिछाई गई है, परंतु जलापूर्ति नहीं होती है. ग्रामीण चापाकल और कुआं के भरोसे हैं. इसे भी पढ़ें : अमेरिका">https://lagatar.in/americas-fbi-in-active-mode-telling-khalistanis-to-be-careful-you-too-can-be-killed/">अमेरिका
की एफबीआई एक्टिव मोड में, खालिस्तानियों से कह रही है सावधान रहें, आपकी भी हत्या हो सकती है ग्रामीणों का कहना है कि उक्त बंद पड़ा बोरिंग अगर चालू होता तो इस गांव में भी सुगमता से जलापूर्ति हो सकती थी. इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उससे सटे इलाके में भी उक्त पंप हाउस से जलापूर्ति हो सकती है, लेकिन स्थिति यह है कि पंप हाउस जंगल झाड़ियां से घिर कर बर्बाद हो रहा है. इस विषय में नगर पंचायत के कनीय अभियंता प्रदीप उरांव ने बताया कि बिजली संयोजन और ट्रांसफार्मर के लिए बिजली विभाग में आवेदन दिया जा चुका है. संयोजन होते ही पंप हाउस को चालू कर दिया जाएगा. [wpse_comments_template]
की एफबीआई एक्टिव मोड में, खालिस्तानियों से कह रही है सावधान रहें, आपकी भी हत्या हो सकती है ग्रामीणों का कहना है कि उक्त बंद पड़ा बोरिंग अगर चालू होता तो इस गांव में भी सुगमता से जलापूर्ति हो सकती थी. इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उससे सटे इलाके में भी उक्त पंप हाउस से जलापूर्ति हो सकती है, लेकिन स्थिति यह है कि पंप हाउस जंगल झाड़ियां से घिर कर बर्बाद हो रहा है. इस विषय में नगर पंचायत के कनीय अभियंता प्रदीप उरांव ने बताया कि बिजली संयोजन और ट्रांसफार्मर के लिए बिजली विभाग में आवेदन दिया जा चुका है. संयोजन होते ही पंप हाउस को चालू कर दिया जाएगा. [wpse_comments_template]
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