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चाकुलिया : शहीद के परिजनों ने नम आंखों से कहा- हमें गर्व है हमारे पुत्र पर

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Chakulia : पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के झिलरूवां गांव के प्रोजेक्ट विद्यालय परिसर में मंगलवार को मनोहरपुर में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था. इस घटना में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक तो बच गए, परंतु उनके दो बॉडीगार्ड की नक्सलियों ने हत्या कर दी. शंकर नायक का गांव चाकुलिया प्रखंड के श्यामसुंदरपुर गांव में है. घर में शहीद जवान की पत्नी सपना नायक, उनके दो बेटे चंदू नायक और जय नायक, पिता आनंद नायक है. उनकी मां का देहांत पहले ही हो चुका है. उनके दो भाई और दो बहन हैं, जिसमें से उनका बड़े भाई की मानसिक स्थिति खराब है. मृतक जवान परिवार में सबसे छोटा है. घर में एक ही व्यक्ति की कमाई से परिवार चलता था. झारखंड पुलिस में 12 साल से कार्य कर रहा था और और तीन साल से पूर्व विधायक गुरु चरण नायक का बॉडीगार्ड था. [caption id="attachment_215668" align="aligncenter" width="248"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/01/SHAHID-SHANKAR-NAYAK-1-248x300.jpg"

alt="" width="248" height="300" /> शहीद शंकर नायक.[/caption] इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-the-dead-body-of-the-martyrs-bodyguards-of-the-former-mla-was-lying-on-the-spot-overnight-police-arrived-in-the-morning/">चाईबासा

: पूर्व विधायक के शहीद अंगरक्षकों का शव रात भर पड़ा रहा घटनास्थल पर, सुबह पहुंची पुलिस

पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए : आनंद नायक

शहीद शंकर नायक के पिता आनंद नायक ने नम आंखों से कहा कि जिस तरह उनके पुत्र नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुआ है उससे गर्व है. वहीं उन्हें घर चलाने की चिंता सताने लगी है. उन्होंने कहा कि सरकार शहीद की पत्नी को नौकरी दे ताकि घर की देखभाल हो सके. शंकर नायक की शहीद होने की सूचना मिलने पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. पूरे गांव में शहीद होने की सूचना पर मातम छाया हुआ है.

चाकुलिया के लाउबेड़ा का रहने वाला है ठाकुर हेम्ब्रम, मकर में आने वाला था गांव

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alt="" width="191" height="300" /> चाकुलिया थाना क्षेत्र के बरडीकानपुर-कालापाथर पंचायत के लाउबेड़ा गांव निवासी ठाकुर हेम्ब्रम (29 वर्ष) की झारखंड पुलिस में वर्ष 2012 में बहाली हुई थी. उसका विवाह वर्ष 2014 में अष्टमी हेम्ब्रम से हुई थी. उसकी दो बेटी है. बड़ी बेटी सालगे हेम्ब्रम दिव्यांग है जो न तो सुन सकती है और न ही बोल पाती है. छोटी बेटी 2 वर्ष की है, जिसका अभी नामकरण भी नहीं हुआ है. शहीद ठाकुर हेम्ब्रम के घर में पिता छाकुराम हेम्ब्रम, मां सालगे हेम्ब्रम, छोटा भाई कुनाराम हेम्ब्रम है. परिजनों ने बताया कि वह 15 दिन पहले ही करमा पूजा में घर आया था और मकर में भी छुट्टी लेकर घर आने की बात कही थी. परिजनों ने कहा कि घटना के कुछ घंटे पूर्व शाम 4 बजे उसने अपनी पत्नी अष्टमी से दूरभाष पर बात की थी और घर आने की बात कही थी. वह तो घर नहीं आया, परंतु उसकी शहीद होने की सूचना रात तीन बजे मिली. सूचना पाकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और गांव में मातम छाया हुआ है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-the-dead-body-of-the-martyrs-bodyguards-of-the-former-mla-was-lying-on-the-spot-overnight-police-arrived-in-the-morning/">चाईबासा

: पूर्व विधायक के शहीद अंगरक्षकों का शव रात भर पड़ा रहा घटनास्थल पर, सुबह पहुंची पुलिस
ठाकुर हेम्ब्रम के रिश्तेदार रामचन्द्र हेम्ब्रम ने कहा कि सरकार उसके भाई को शहीद का दर्जा देते हुए उसके भाई को सरकारी नौकरी दे. सूचना पाकर झामुमो के जिला सचिव घनश्याम महतो लाउबेड़ा गांव पहुंचकर शहीद ठाकुर हेम्ब्रम के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी और परिवार के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग को स्थानीय विधायक रामदास सोरेन और समीर महंती को अवगत कराकर सरकार तक पहुंचाने का काम करेंगे. [wpse_comments_template]

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