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कटोरे से झरने से पानी लेकर भरना पड़ रहा बर्तन
[caption id="attachment_568583" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> कूंआ से पानी लेती महिला.[/caption] गांव से एक किलोमीटर दूर एक सोलर जलापूर्ति योजना से पानी निकल रहा है. परंतु यह 135 परिवार वाले गांव के लिए पर्याप्त नहीं है. ऐसे में ग्रामीण घाघ झरना समेत अन्य झरनों का पानी पीने के लिए बाध्य हैं. परंतु विडंबना है कि इन झरनों में भी पर्याप्त पानी नहीं है. ग्रामीणों को कटोरे से झरने से पानी लेकर बर्तन भरना पड़ रहा है. गांव के राम सिंह और कैलाश सिंह ने बताया कि अभी गर्मी शुरू ही हुई है कि यहां जल संकट गहरा गया है. इस साल झरना भी शीघ्र ही सूखने लगे हैं. विवाह शादी में पेयजल के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि झरना में टूलू पंप लगाकर पानी लेना पड़ रहा है. [caption id="attachment_568584" align="aligncenter" width="300"]
alt="" width="300" height="173" /> खाल में टूलू पंप लगाकर पानी भरता.[/caption] इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-900-doctors-boycott-work-emergency-service-started/">जमशेदपुर
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