: कुकड़ू में शौच करने गये ग्रामीण को हाथी ने पटका, हाथ टूटा
छात्रावास बंद होने से दूर-दराज के विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ रहा असर
100 बेड का यह छात्रावास ग्रामीण इलाके के आदिवासी विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए काफी फायदेमंद हुआ करता था. घाटशिला अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों के विद्यार्थी इस छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते थे. लेकिन इसके बंद होने से ग्रामीण इलाके के आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा को झटका लगा है. छात्रावास भवन के निर्माण के लिए कल्याण विभाग ने अभी तक कोई पहल नहीं की है. फिलहाल यह छात्रावास जंगल झाड़ियों से घिरा जर्जर हालत में पड़ा है, जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है. इसे भी पढ़े : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-mla-samir-mahanti-inspected-manohar-lal-plus-two-high-school/">चाकुलिया: विधायक समीर महंती ने किया मनोहर लाल प्लस टू हाई स्कूल का निरीक्षण
उप विकास आयुक्त ने छात्रावास के जर्जर भवन का किया निरीक्षण
यह जर्जर भवन स्कूल आने वाले विद्यार्थियों के लिए खतरा का कारण भी बन सकता है. इसे तोड़ने की दिशा में भी कोई पहल नहीं हो रही है. हालांकि विगत दिनों उप विकास आयुक्त ने छात्रावास के जर्जर भवन का निरीक्षण किया है. ऐसे में देखने वाली बात है कि भवन की मरम्मत या फिर नए भवन के निर्माण के लिए कोई पहल हो पाती है या नहीं. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नीतू हेम्ब्रम ने बताया कि उनके कार्यकाल के पूर्व से ही छात्रावास बंद है. छात्रावास भवन काफी जर्जर हो गया था. सुरक्षा कारणों से इसे बंद कर दिया गया था. इसे भी पढ़े : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-youth-congress-opposes-bjp-by-pasting-posters/">गिरिडीह: पोस्टर चस्पा कर युवा कांग्रेस ने बीजेपी का किया विरोध [wpse_comments_template]

Leave a Comment