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हाथियों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की बनाई जा रही रणनीति : दिग्विजय सिंह
वहीं, जंगली हाथियों के कारण बुरूजबनी और उसके आसपास के गांव के ग्रामीण भी दहशत में हैं. जानकारी के मुताबिक बुरूजबनी के पास जहां हाथी जमे हुए हैं, वहां खजूर, बैर और बबूल के पेड़ हैं. इसके कारण हाथियों को चारा मिलने में भी परेशानी होगी. ग्रामीणों का कहना है कि इस हालत में हाथी चारा के लिए गांव की ओर अपना रुख कर सकते हैं और उपद्रव मचा सकते हैं. इस पर प्रभारी वन क्षेत्र पदाधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि हाथियों को गुड़ाबांदा क्षेत्र होते हुए ओडिशा ले जाना भी मुश्किल हो रहा है. क्योंकि इस क्षेत्र के ग्रामीण हाथियों को खदेड़ कर स्वर्णरेखा पार स्थित चाकुलिया सीमा में प्रवेश करा दे रहे हैं. प्रभारी ने कहा कि हाथियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की दिशा में रणनीति बनाई जा रही है. इसे भी पढ़े : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-coal-going-from-dhansar-colliery-to-mpl-unloaded-midway-hiva-seized/">धनबाद:धनसार कोलियरी से एमपीएल जा रहा कोयला बीच में ही अनलोड, हाइवा जब्त
खदेड़ा-खदेड़ी में हाथी भी परेशान
जानकारी हो कि हाथियों को पश्चिम बंगाल की सीमा में खदेड़ कर कोई फायदा नहीं होने वाला है. क्योंकि पश्चिम बंगाल के वन विभाग व ग्रामीण हाथियों को खदेड़ कर चाकुलिया सीमा में प्रवेश करा देते हैं. ऐसे में जंगली हाथी झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की त्रिवेणी चाकुलिया वन क्षेत्र में फंस कर रह गए हैं और यहां भी हाथी खदेड़ा-खदेड़ी में परेशान हैं. इसे भी पढ़े : गुड़ाबांदा">https://lagatar.in/gudabanda-a-bank-has-a-population-of-41-thousand-not-even-an-atm-customers-upset/">गुड़ाबांदा: एक बैंक के भरोसे है 41 हजार की आबादी, एटीएम भी नहीं, ग्राहक परेशान [wpse_comments_template]

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