Ranchi : एफजेसीसीआई ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सरकारी संवेदकों के आरए (RA) बिल भुगतान के लिए रॉयल्टी चालान की अनिवार्यता को फिलहाल स्थगित करने की मांग की है. चैंबर ने राज्य में लागू इस व्यवस्था से आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर चिंता जताई है.
शनिवार को आयोजित एफजेसीसीआई की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था की सफलता उसके स्पष्ट, व्यावहारिक और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है. वर्तमान में रॉयल्टी चालान व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में सरकारी विभागों, संवेदकों, आपूर्तिकर्ताओं और निर्माण एजेंसियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे राज्यभर में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
बैठक में यह चिंता भी व्यक्त की गई कि RA बिलों के भुगतान के लिए रॉयल्टी चालान की अनिवार्यता से सड़क, पुल, भवन, पेयजल, सिंचाई, नाली समेत विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं के भुगतान लंबित हो सकते हैं. इससे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ-साथ संवेदकों, श्रमिकों और निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है.
एफजेसीसीआई ने सरकार से मांग की है कि जब तक रॉयल्टी चालान व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट और राज्यभर में समान रूप से लागू नहीं हो जाती, तब तक RA बिलों के भुगतान के लिए रॉयल्टी चालान प्रस्तुत करने की अनिवार्यता स्थगित रखी जाए.
चैंबर ने यह भी सुझाव दिया कि लघु खनिजों के लिए रॉयल्टी चालान जारी करने की प्रक्रिया, सक्षम प्राधिकारी और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. साथ ही, सभी संबंधित विभागों, संवेदकों और अन्य हितधारकों के साथ शीघ्र उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए.
एफजेसीसीआई ने इन सभी मांगों को शामिल करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा है और राज्यहित, विकास कार्यों की निरंतरता और उद्योग-व्यापार की सुगमता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है.
बैठक में एफजेसीसीआई के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, संयुक्त सचिव नवजोत अलंग, संयुक्त सचिव रोहित पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य शैलेश अग्रवाल एवं सदस्य शैलेन्द्र सुमन उपस्थित थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment