जिला परिषद अध्यक्ष से लेकर तय किया है कैबिनेट मंत्री तक का सफर, अब बनेंगे मुख्यमंत्री Ranchi : झारखंड में पल पल सियासत बदल रही है. सीएम हेमंत सोरेन ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है. वहीं चंपई सोरेन ने राज्यपाल को नई सरकार बनाने का दावा पेश किया है. वहीं 43 विधायकों के समर्थन का पत्र भी राज्यपाल को सौंपा है. हालांकि राज्यपाल ने सरकार गठन का समय नहीं दिया था. जानकारी के अनुसार राज्यपाल ने कहा कि आपका सरकार बनाने का दावा पत्र मिला है, जल्द ही बुलाया जाएगा. बता दें कि इससे पहले सीएम आवास में सत्ता पक्ष के विधायकों की मंगलवार की देर शाम से लेकर करीब दो घंटे तक बैठक हुई. वहीं बुधवार को भी सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक हुई. जिसमें सर्वसम्मति से चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया.
शिबू सोरेन के काफी करीबी माने जाते हैं चंपई सोरेन
चंपई सोरेन झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के काफी करीबी माने जाते हैं. वे अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं. अपने राजनीतिक करियर में चंपई सोरेन जिला परिषद अध्यक्ष से कैबिनेट मंत्री तक का सफर तय किया है. 1980 में चंपई सोरेन ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. 1995 में वे सरायकेला जिला परिषद के अध्यक्ष चुने गए थे. 2005 में उन्होंने सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 2019 में जब गठबंधन सरकार बनी तो उन्हें परिवहन मंत्री बनाया गया. चंपई फिलहाल झारखंड के वर्तमान परिवहन मंत्री हैं. परिवहन के अलावा उनके पास अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग भी है. संवैधानिक संकट आने पर प्लान बी के तहत उनको सत्ता की कमान सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गई है. आदिवासी समुदाय के बीच हैं लोकप्रिय
चंपई सोरेन का जन्म 1 नवंबर 1956 को झारखंड के सरायकेला जिले के जिलिंगगोड़ा गांव में हुआ था. चंपई के पिता सिमल सोरेन किसान थे और चंपई भी प्रारंभ में खेती करते थे. चंपई सोरेन को एक कुशल और अनुभवी राजनेता माने जाते हैं. उन्हें झारखंड के आदिवासी समुदाय के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है. इनका विवाह मानको सोरेन के साथ हुआ और उनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं. वो झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन, साथ ही वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफी करीबी माने जाते हैं. वह 2005 से ही सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. [wpse_comments_template]
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