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राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन को ट्रस्ट की कमान

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Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई. करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा की इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया. साथ ही ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को नया महासचिव नियुक्त किया है. इसकी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंदानंद गिरी ने बैठक के प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.

 

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि उन्हें अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है. उनकी प्राथमिकता होगी कि जो भी दोषी मिले, उसे सजा मिले. उन्होंने कहा कि प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थी, जिसका कुछ लोगों ने फायदा उठाया. भविष्य में ऐसा ना हो, यह तय करना हमारी जिम्मेदारी होगी.

 

गोपनियता को लेकर ट्रस्ट की बैठक पहली बार राम मंदिर परिसर में हुई. इससे पहले अयोध्या धाम के मणिराम दास छावनी में बैठकें होती रही है. इस बैठक की अध्यक्षता नृत्य गोपाल दास ने की. वहीं ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंदानंद गिरी ने मीटिंग का एजेंडा रखा, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर चर्चा हुई. जिसमें इन दोनों का त्यागपत्र आधिकारिक रूप से मंजूर कर लिया गया.

 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की इस बैठक में कुल 14 सदस्यों में से 9 सदस्य व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए. वहीं केन्द्र और राज्य सरकार के नामित सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाले सदस्यों में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी, ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन, दिनेन्द्र दास, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, परमानंद गिरी महाराज और स्वामी विश्व प्रपन्न तीर्थ जी महाराज मौजूद रहे. दूसरी तरफ कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी इस बैठक से जुड़े, जबकि ट्रस्ट के सदस्य चंपत राय और अरविंद मिश्रा इस बैठक में गैर मौजूद रहे.

 

इधर यूपी के सीएम ने ट्रस्ट की बैठक के बीच प्रयागराज में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बस्ती है और प्रभु श्रीराम भारत के आत्मा के मूल स्रोत हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राम का मतलब राष्ट्र है. उन्होंने कहा कि आज जो भव्य अयोध्या और श्रीराम मंदिर देश देख रहा है, वो अशोक सिंघल के संकल्प और सपने का परिणाम है. सीएम योगी ने कहा कि 1980 औप 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान पूरे देश में एक ही नारा गूंजता था- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. उन्होंने कहा कि उस समय एक और नारा युवाओं में जोश भरती था- मंदिर के काम ना आए, ये जवानी बेकार है. सीएम योगी ने कहा कि उस दौर के युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन का शंखनाद किया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने राष्टभावना और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की.

 

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