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चंडीगढ़ महापौर चुनाव: सभी मतपत्रों की दोबारा गिनती होगी, सुप्रीम कोर्ट ने दिया संकेत

 प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने शुरुआत में कहा, हम उन मतपत्रों को देखना चाहेंगे जिन्हें अमान्य घोषित किया गया था.  New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह चंडीगढ़ महापौर पद के लिए हुए विवादास्पद चुनाव में पड़े मतों की दोबारा गिनती करने और आठ विरूपित मतपत्रों पर विचार करने के बाद परिणाम घोषित करने का निर्देश देगा. निर्वाचन अधिकारी ने उन आठ विरूपित मतपत्रों को अवैध करार दिया था.          ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह पर चुनाव में कदाचार का आरोप  

प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने चुनाव में पराजित उम्मीदवार कुलदीप कुमार (आम आदमी पार्टी) की याचिका पर आज मंगलवार को सुनवाई शुरू कर दी. कुमार ने निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह पर चुनाव में कदाचार का आरोप लगाया है.

SC वीडियो रिकॉर्डिंग को भी देख रहा है

सुप्रीम कोर्ट मतपत्रों की जांच कर रहा है. SC वीडियो रिकॉर्डिंग को भी देख रहा है, जिसे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा नियुक्त एक न्यायिक अधिकारी ने पेश किया है. प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने शुरुआत में कहा, हम उन मतपत्रों को देखना चाहेंगे जिन्हें अमान्य घोषित किया गया था. सुनवाई अभी जारी है. न्यायालय ने खरीद-फरोख्त होने  का जिक्र करते हुए सोमवार को कहा था कि वह चंडीगढ़ महापौर चुनाव के मतपत्रों और मतगणना के दिन की पूरी वीडियो-रिकॉर्डिंग का अवलोकन करेगा.

भाजपा को आप के 12 मतों के मुकाबले 16 मत मिले, आठ मत अवैध घोषित कर दिये गये  

न्यायालय ने कहा कि नये सिरे से मतदान का आदेश देने के बजाय, वह पहले ही डाले गये मतों के आधार पर नतीजे घोषित करने पर विचार कर सकता है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 30 जनवरी को चंडीगढ़ महापौर चुनाव में कांग्रेस-आप गठबंधन के खिलाफ जीत हासिल की. महापौर पद के लिए भाजपा के मनोज सोनकर ने आप के कुलदीप कुमार को हराया. सोनकर को अपने प्रतिद्वंद्वी के 12 मतों के मुकाबले 16 मत मिले. आठ मत अवैध घोषित कर दिये गये थे. [wpse_comments_template]  

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