: निर्मल नगर वासियों ने रास्ता दिलाने की मांग को लेकर डीसी को सौंपा ज्ञापन
सीयूईटी को रद्द करे सरकार
इस अवसर पर जिला सचिव प्रभात कुमार महतो ने कहा कि इस वर्ष से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के तहत ग्रेजुएशन में नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर आम गरीब मध्यमवर्गीय छात्रों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को सीयूईटी की जानकारी नहीं होने के कारण फॉर्म नहीं भर पाए हैं. जो भरे हैं, उन्हें भी परीक्षा देने के लिए अन्य राज्य जाना पड़ रहा है. जिससे छात्रों के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि संगठन इस तरह की नीतियों का घोर विरोध करती है. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-husband-wife-died-due-to-lightning-in-khadiyadi-village/">घाटशिला: खड़ियाडी गांव में वज्रपात से पति पत्नी की मौत
कॉलेजों में जारी रहे इंटरमीडिएट की पढ़ाई
नई शिक्षा नीति 2020 सभी विश्वविद्यालयों में लागू की गई है, जिसके तहत कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया गया है. हर साल कॉलेजों में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं इंटर में नामांकन लेते हैं. सरकार द्वारा बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए इस तरह का निर्णय लेना शिक्षा एवं छात्र के हित के विरुध है. इससे आम छात्र-छात्राएं एवं कार्यरत शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी प्रभावित होंगे. छात्रों को मजबूरन प्राइवेट कॉलेजों की ओर अग्रसर होना पड़ेगा. उनकी मांग है कि कालेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई जारी रखी जाए. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-health-awareness-program-for-youth-organized/">जमशेदपुर: युवा का स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम आयोजित
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