Chandil (Dilip Kumar) : खतियान आधारित स्थानीय व नियोजन नीति की मांग पर प्रतिदिन 21 किलोमीटर मैराथन दौड़ लगा रहे सिल्ली के पूर्व विधायक अमित महतो का जत्था सोमवार को ईचागढ़ विधानसभा
पहुंचा. इस दौरान उनके जत्थे के साथ
बड़ी संख्या में उनके समर्थक, कार्यकर्ता और स्थानीय छात्र-छात्राएं शामिल होकर उनके साथ 21 किलोमीटर की दौड़
लगाई. बीते 11 फरवरी से प्रतिदिन 21 किलोमीटर मैराथन दौड़ लगा रहे पूर्व विधायक
122वें दिन
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के
कुकड़ू प्रखंड के
दारुदा मोड़ से
ईचागढ़ प्रखंड के मिलन चौक,
सितु बाजार तक
दौड़ लगाई. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-online-tender-of-three-sand-ghats-will-be-held-for-the-third-time-on-june-16/">जमशेदपुर
: 16 जून को तीसरी बार होगा तीन बालू घाट का ऑनलाइन टेंडर हम 19 या 20 नहीं 21 हैं
मौके पर मैराथन दौड़ को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि हर दिन 21 किलोमीटर यानी
हॉफ मैराथन का मतलब है कि हम
झारखंडी किसी से 19 या 20 नहीं बल्कि 21
हैं. इसीलिए हम प्रतिदिन 21 किमी दौड़ रहे
हैं. इस मैराथन
दौड़ का मूल उद्देश्य झारखंड के लोगों को झारखंड में हिस्सेदारी दिलाना
है. वर्तमान समय में झारखंड के लोगों की हिस्सेदारी बाहरी मार रहे
हैं. पूर्व विधायक ने कहा कि 1932 का खतियानी ही झारखंड की हर कार्यालय के कुर्सी पर जबतक काबिज नहीं होगा,
तबतक झारखंड का भला नहीं
होगा. पिछली सरकारों ने भी इसकी अनदेखी की और वर्तमान हेमंत सरकार भी वही कर रही
है. इसे भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-po-accused-the-young-man-of-stealing-iron-handed-him-over-to-the-police/">धनबाद:
पीओ ने युवक पर लगाया लोहा चोरी का आरोप, किया पुलिस के हवाले नहीं करने देंगे झारखंड की अस्मिता से खिलवाड़
पूर्व विधायक अमित महतो ने कहा कि उन्होंने झारखंड के हित में पार्टी
छोड़ी. अब किसी भी कीमत पर झारखंड की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं करने
देंगे. इस दौरान रैली में हेमंत सोरेन सरकार विरोधी नारे भी
लगे. वहीं, उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार की 60:40 नियोजन नीति, स्थानीय नीति समेत अन्य नीतियों पर जमकर निशाना साधा और कहा कि सरकार नौजवान, महिलाएं और पिछड़े वर्ग के लिए भी कोई भी योजना तैयार नहीं कर पा रही
है. राज्य के नौजवान बेरोजगार सड़कों पर घूम रहे
हैं. जिन मुद्दों को लेकर हेमंत सोरेन की सरकार ने चुनाव जीता, उन मुद्दों को धरातल पर नहीं उतारा
गया. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 21 किलोमीटर मैराथन दौड़ का समापन 19 जून 2023 को रांची में
होगा. यदि उससे पहले राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार स्थानीय नीति, नियोजन नीति, खतियान के आधार पर पहचान और रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाती है तो उग्र आंदोलन किया
जाएगा. [wpse_comments_template]
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