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Chandil : साढ़े 12 लाख का चेक और 50 हजार नकद, एक स्थायी नौकरी पर हुआ समझौता

  • साढ़े 14 घंटे जाम रहा नरसिंह इस्पात कंपनी का गेट, शव के साथ रातभर डटे रहे लोग
  • मामला नरसिंह इस्पात कंपनी में मजदूर की मौत का
Chandil (Dilip Kumar) :  चौका-कांड्रा सड़क पर खूंटी स्थित नरसिंह इस्पात कंपनी के मजदूर सुरेश महतो की मौत के बाद कंपनी प्रबंधन मृतक के आश्रितों को 13 लाख रुपये बतौर मुआवजा और एक आश्रित को स्थायी नौकरी पर रखने पर राजी हुआ. मंगलवार की सुबह करीब आढ़े आठ बजे समझौता हुआ. कंपनी प्रबंधन ने 12 लाख 50 हजार रुपये का चेक और 50 हजार रुपये नकद राशि देने की बात कही. मंगलवार को ही मृतक की पत्नी सुनीता महतो को चेक और नकद राशि सौंप दी गई. वहीं बीमा से मिलने वाली राशि भी मृतक के आश्रितों को मिलेगा, जो अनुमानित नौ लाख रुपये होगा. मृतक कंपनी का स्थायी कर्मचारी था, जिसके कारण उनकी पत्नी को इएसआईसी का पेंशन भी मिलेगा. कंपनी प्रबंधन मृतक के एक आश्रित तो कंपनी में स्थायी नौकरी भी देगी. इसके पूर्व गुस्साए लोगों ने करीब साढ़े 14 घंटे तक कंपनी का मुख्य गेट जाम रखा. मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों के साथ झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष तरुण महतो समेत कई नेता शव के साथ रातभर कंपनी के गेट पर ही जमे रहे. समझौता होने के बाद चौका थाना की पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सरायकेला भेज दिया. इसे भी पढ़ें :  Baharagoda">https://lagatar.in/baharagoda-enrollment-continues-through-lateral-entry-in-classes-9th-and-11th-in-jawahar-navodaya-vidyalaya/">Baharagoda

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कंपनी में मजदूरों को नहीं मिलती सुविधाएं

मजदूरों का कहना है कि कंपनी में न तो प्राथमिक इलाज की कोई व्यवस्था और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था है. ड्यूटी के दौरान मजदूरों के साथ कोई हादसा होता है, तो समय पर इलाज नहीं हो पाने के कारण मजदूर की मौत हो जाती है. घायलों को कैंफर डाला वाले वाहन से इलाज के लिए निजी क्लीनिक में ले जाया जाता है. बताया गया कि कंपनी प्रबंधन की ओर से मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिया जाता है. बताया गया कि मजदूरों ने कई बार चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस, सुरक्षा उपकरण आदि की मांग कंपनी प्रबंधन से की तो उन्हें काम से हटाने की धमकी दी गई. बताया गया कि कंपनी में पहले भी जहरीली गैस की चपेट में आकर मजदूरों की मृत्यु हुई है. मृतक सुरेश महतो के परिजनों के साथ स्थानीय लोगों और मजदूरों का आरोप था कि कारखाना में जहरीली गैस के रिसाव के कारण सुरेश की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद समुचित इलाज के अभाव में उसकी मृत्यु हो गई. परिवार का एकमात्र कमाने वाला मृतक सुरेश महतो की उम्र 35 वर्ष थी. सुरेश महतो की पत्नी सुनीता महतो, 10 साल का बड़ा बेटा सपन महतो और आठ साल का छोटा बेटा प्रवीण महतो हैं. इसे भी पढ़ें :  Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-jvp-shopkeepers-keep-an-eye-on-the-cabinet-meeting/">Adityapur

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शव पहुंचते ही उत्तेजित हो गए लोग

मृतक सुरेश महतो रविवार को बी शिफ्ट ड्यूटी करने आए थे. कंपनी में प्रवेश करने के पहले उन्होंने सामने वाले होटल पर सहकर्मियों के साथ चाय भी पी थी. काम के दौरान शाम को उनकी तबीयत खराब हुई. परिवार को बिना किसी सूचना दिए सरकारी अस्पताल में ले जाने के बजाय स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाने की बात कंपनी प्रबंधन कह रही है. इसके बाद सुरेश को इलाज के सीधे टीएमएच जमशेदपुर ले जाया गया. उसके बाद टीएमएच से रिम्स रेफर कर दिया गया. जहां चिकित्सकों ने उसे जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. सोमवार शाम करीब छह बजे जैसे ही एंबुलेंस से सुरेश का शव पहुंचा, उसके परिजन, स्थानीय लोग और साथी मजदूर उत्तेजित हो गए. काफी संख्या में सुरेश के गांव व ससुराल के ग्रामीण भी कंपनी गेट पर पहुंच प्रबंधन का विरोध करने लगे. विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि कंपनी प्रबंधन ने इलाज कराने में देर कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही चांडिल के प्रखंड विकास पदाधिकारी तालेश्वर रविदास व चौका थाना प्रभारी बजरंग महतो पुलिस बल के साथ कंपनी के गेट के समक्ष पहुंचे थे. उनकी उपस्थिति में कंपनी के डायरेक्टर अजय सिंह आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की बात की, लेकिन किसी प्रकार का समाधान नहीं निकला. इसे भी पढ़ें :  Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-shakti-is-worshiped-in-the-form-of-mother-it-is-a-symbol-of-womens-respect-champai/">Adityapur

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