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क्या है घटना
11 मार्च की आधी रात ओड़िया पुल के पास धारदार चाकू से जानलेवा हमला किया गया था. उस वक्त इंद्रजीत महतो अपनी पत्नी सुनिता महतो के साथ बाइक पर झिमड़ी में आयोजित नवकुंज महायज्ञ से वापस अपने घर लौट रहे थे. इसी क्रम में ओड़िया पुल के पास उनकी पत्नी ने लघुशंका जाने के लिए गाड़ी रोकवाया और सड़क किनारे झाड़ियों में गई. इसी वक्त बाइक से दो युवक आए और इंद्रजीत के पेट में धारदार चाकू से हमला कर दिया. हल्ला सुनकर उसकी पत्नी आई और बीच बचाव किया. इसी दौरान हमलावर युवक वहां से भाग खड़े हुए.ध्यान भटकाने के लिए दर्ज कराया था मामला
इसकी जानकारी देते हुए एसडीपीओ संजय कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कांड की गंभीरता को देखते हुए एक छापामारी दल का गठन किया गया. छापामारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारीयों एवं कर्मियों के द्वारा प्रोफेशनल ढंग से अनुसंधान किया. कांड के अनुसंधान के क्रम में यह बात प्रकाश में आई कि इंद्रजीत की पत्नी सुनिता का विवाह करीब एक वर्ष पूर्व उसकी मर्जी के बिना उसके घर वालो ने कर दिया था. वह बोड़ाम थाना क्षेत्र के हलुदबनी निवासी सुजीत कुमार महतो से प्यार करती थी. अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए सुनिता ने स्वयं अपने प्रेमी के साथ मिलकर सुनियोजित ढंग से इस घटना को अंजाम दिया. घटना में प्रयुक्त चाकु नवकुंज मेला झिमड़ी से खरीदा गया था, जिसे बरामद किया गया है. इंद्रजीत की पत्नी सुनीता ने पुलिस एवं अपने ससुराल वालों का ध्यान भटकाने के लिए मनगढ़ंत प्राथमिकी नीमडीह थाना मे दर्ज कराई थी. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-when-spos-start-playing-hubba-dabba-who-will-stop-them/">किरीबुरू: जब एसपीओ ही कराने लगे हब्बा-डब्बा का खेल तो उसे रोके कौन ?

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