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चांडिल : नीमडीह में पुलिस व प्रशासन की सक्रियता से विवाद टला

  • धार्मिक देवशाल पत्थर को हटाकर घर बनाने के कारण झिमड़ी के ग्रामीण अक्रोशित
Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत झिमड़ी गांव के साप्ताहिक हाटतोला में जाहिरा के जमीन पर हिंदू धर्मावलंबियों की आस्था देवशाल पत्थर को कथित रूप से हटाकर टीना शेड बनाए जाने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हैं. बुधवार की रात एक समुदाय के लोग कथित रूप से देवशाल पत्थर को हटाकर टीना शेड निर्माण कर दिया था. गुरुवार की सुबह जब ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली, तो सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को फोन पर इसकी जानकारी देकर आस्था पर ठेस न पहुंचाने का आग्रह किया. गुरुवार सुबह नीमडीह थाना प्रभारी घटनास्थल पहुंच कर अक्रोशित ग्रामीणों को समझाया. इसे भी पढ़ें : जांच">https://lagatar.in/governor-made-one-to-protect-from-investigation-sit-is-better-than-cbi-supriyo/">जांच

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उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सरकारी अमीन से मापी करायी जाएगी. शुक्रवार को नीमडीह के प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार एस अभिनव, अंचल अधिकारी अभिषेक कुमार, थाना प्रभारी मो तंजिल खान, तिरुलडीह थाना प्रभारी चित्तरंजन कुमार पुलिस बल के साथ सरकारी अमीन से जाहिरा के जमीन की मापी करायी. मापी में उक्त जमीन जाहिरा का चिन्हित हुआ. अंचल अधिकारी ने अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति को तत्काल टीना शेड हटाने का निर्देश दिया. वहीं तत्काल पुलिस बल की मौजूदगी में टीना शेड हटाया गया. नीमडीह प्रशासन एवं पुलिस के सक्रियता से ग्रामीणों के बीच बड़ा बवाल होने से टल गया. इसे भी पढ़ें : गोड्डा">https://lagatar.in/godda-thieves-broke-into-a-shop-and-took-away-liquor-worth-lakhs-along-with-cash/">गोड्डा

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होती है सड़क पूजा

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alt="" width="600" height="400" /> इस संबंध में झिमड़ी सोलोआना दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र महतो ने बताया कि झिमड़ी के जाहिरा की जमीन पर लगभग तीन सौ साल पुरानी हिंदुओं की आस्था देवशाल पत्थर को एक समुदाय के व्यक्ति ने हटाकर उस स्थान पर टीना शेड का मकान बनाया लिया. उन्होंने कहा कि देवशाल पत्थर काफी प्राचीन है. उन्होंने कहा कि तीन सौ साल पहले से यहां चड़क पूजा के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ की पूजा के पूर्व पाटा को धार (शाल) दिया जाता है. उन्होंने प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की सक्रियता से एक बड़ा हंगामा टल गया. इस संबंध में ग्रामीणों ने झिमड़ी पंचायत के मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्य को जानकारी दिया. जनप्रतिनिधि इस विवाद का फैसला नहीं कर पाए. [wpse_comments_template]

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