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चांडिल : तीन दिवसीय आदिवासी लोक सांस्कृतिक मेला के अंतिम दिन उमड़ा जनसैलाब

Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड मुख्यालय रघुनाथपुर में 20 जनवरी से आयोजित तीन दिवसीय आदिवासी लोक संस्कृतिक मेला के अंतिम दिन रविवार को जनसैलाब उमड़ा. मेला में प्रथम दिन दोपहर 12 बजे से पश्चिम बंगाल के मशहुर राईला रास्का महल गावंता दल के 50 महिला-पुरुष द्वारा पांता नाच प्रस्तुत किया गया था. आदिवासियों की प्राचीन संस्कृति पांता नाच देखने झारखंड व पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. दूसरे दिन विभिन्न भाषा के गीतों के लोकगायिका कल्पना हांसदा ने महफिल में समां बांधा. वहीं अंतिम दिन टुसू मेला में मेला प्रेमियों का सैलाब उमड़ पड़ा. लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मेला का आंनद उठाया. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-sports-competition-and-cultural-program-organized-on-the-occasion-of-netaji-jayanti/">चांडिल

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मेला हमारी संस्कृति व सभ्यता : हरेलाल

[caption id="attachment_534417" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/22-chandil-4_345.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> मेला के अंतिम दिन उमड़ा जनसैलाब[/caption] मेला के अंतिम दिन बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो ने कहा कि मेला हमारे प्राचीन संस्कृति और सभ्यता को दर्शाती है. वर्तमान समय के युवा पीढ़ी प्राचीन परंपरा को छोड़कर पाश्चात्य संस्कृति की ओर अग्रसर हो रहे हैं. विभिन्न स्थानाें में मेला का आयोजन कर युवा वर्ग को प्राचीन भारतीय परंपरा की ओर ले जाया जाएगा. आस्था का पर्व टुसू श्रद्धा, भक्ति और आनंद से परिपूर्ण कर देती है. इस अवसर पर ग्राम प्रधान महासंघ झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष वैद्यनाथ महतो, झामुमो नेता लालटू महतो, जिप सदस्य असित सिंह पात्र, मेला आयोजक अमुल्य महतो, अध्यक्ष तपन कुमार महतो, सचिव भगीरथ महतो समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-seminar-organized-on-the-role-of-advocate-in-justice-delivery-system/">चांडिल

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टुसू व चौड़लों को किया गया पुरस्कृत

आदिवासी लोक सांस्कृतिक सार्वजनिक मेला में झारखंड व पश्चिम बंगाल से आए टुसू प्रेमी काफी संख्या में टुसू और चौड़ल लेकर उपस्थित हुए. टुसू व चौड़ल को प्रथम पुरस्कार नगद 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार पांच हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार तीन हजार रुपये नगद दिया गया. इसके अलावा मेला में पहुंचे सभी टुसू व चौड़ल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया. [wpse_comments_template]

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