Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Chandil : बढ़ता जा रहा डैम का जलस्तर, आधा मीटर खोला गया एक और गेट

Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में मंगलवार की शाम से हो रही बारिश के बाद सुवर्णरेखा परियोजना के चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ गया है. पिछले 24 घंटे में चांडिल डैम का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ गया है. बुधवार की सुबह डैम का जलस्तर 181.70 मीटर दर्ज किया गया. लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए चांडिल डैम का एक और रेडियल गेट आधा मीटर खोल दिया गया है. वर्तमान में डैम के कुल पांच रेडियल गेट को खोले गये हैं. इनमें रेडियल गेट संख्या 6 को 35 सेंटीमीटर, गेट संख्या 7, 8 व 9 को 10-10 सेंटीमीटर और गेट संख्या 12 को आधा मीटर तक खोला गया है. इसे भी पढ़ें :  Jadugoda">https://lagatar.in/jadugoda-preparations-intensified-for-world-tribal-day-in-jadugoda-former-chief-minister-champai-soren-will-be-the-chief-guest/">Jadugoda

: जादूगोड़ा में विश्व आदिवासी दिवस को लेकर तैयारियां तेज, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन होंगे मुख्य अतिथि
चार अगस्त को चांडिल डैम का जलस्तर 181.25 मीटर पहुंचने के बाद चार रेडियल गेटों को खोल दिया गया था. रेडियल गेट संख्या 6, 7, 8 और 9 को रविवार की सुबह आठ बजे 10-10 सेंटीमीटर तक खोल दिया गया था. बाद में गेट संख्या 6 को 25 सेंटीमीटर बढ़ाकर 35 सेंटीमीटर तक खोल दिया गया. इसके बावजूद धीमी गति से डैम का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. पांच अगस्त को डैम का जलस्तर 181.30 मीटर दर्ज किया गया था. वहीं मंगलवार की शाम डैम का जलस्तर 181.45 मीटर दर्ज किया गया था. बुधवार की सुबह जलस्तर बढ़कर 181.70 मीटर पहुंच गया है. इसके बाद रेडियल गेट संख्या 12 को आधा मीटर तक खोल दिया गया. इसे भी पढ़ें :  Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-villagers-should-take-their-rights-from-sail-and-tata-steel-mine-managements-rama-pandey/">Kiriburu

: सेल व टाटा स्टील की खदान प्रबंधनों से ग्रामीण अपना हक लें – रामा पांडेय

बढ़ने लगी विस्थापितों की धड़कन

चांडिल डैम का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा है वैसे-वैसे डूब क्षेत्र में रहने वाले विस्थापितों की धड़कन भी बढ़ती जा रही है. डैम का पानी धीरे-धीरे गांव के समीप पहुंचने लगा है. ऐसे में गांव के जलमग्न होने की आशंका से विस्थापितों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं. चांडिल डैम का जलस्तर 182 मीटर से अधिक होते ही डूब क्षेत्र के गांवाें में डैम का पानी घुसने लगता है. मुआवजा और संपूर्ण पुनर्वास की सुविधा से वंचित विस्थापित अब तक मजबूरन डूब क्षेत्र के गांवों में अपने घर पर रहने को विवश हैं. विस्थापितों का कहना है कि जब तक मुआवजा और संपूर्ण पुनर्वास की सुविधा सभी विस्थापितों को नहीं मिल जाती है तब तक डैम का जल स्तर 177 मीटर तक रखा जाए. इसे भी पढ़ें :  Baharagoda">https://lagatar.in/baharagoda-team-namya-organized-a-workshop-on-menstruation-and-youth/">Baharagoda

: टीम नाम्या का “मासिक धर्म और तरुणाई” पर कार्यशाला आयोजित
उनका कहना था कि बार-बार डैम के निचले हिस्से में नदी के अंदर बनाए गए मकानों को बचाने के लिए डैम का गेट बंदकर देश की तरक्की के लिए जमीन-जायदाद कुर्बान करने वाले चांडिल डैम के विस्थापितों को डुबा दिया जाता है. दूसरी ओर, भारी बारिश के बाद सुवर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर बढ़ गया है. जमशेदपुर के मानगो में सुवर्णरेखा नदी के पुल पर खतरे का निशान 121.50 मीटर है, जबकि बुधवार की सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 116.56 मीटर दर्ज किया गया है. वहीं खरकई नदी का जलस्तर आदित्यपुर पुल पर खतरे का निशान 129.00 मीटर है, जबकि बुधवार की सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 126.47 मीटर दर्ज किया गया है. इसे भी पढ़ें :  Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-survey-to-remove-problems-of-elephant-movement/">Kiriburu

: हाथियों के मूवमेंट की दिक्कतों को दूर करने के लिए सर्वे
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही