: बीडीओ व सीओ ने पोषण रथ को हरी झंडी दिखा कर किया रवाना [caption id="attachment_415254" align="aligncenter" width="554"]
alt="" width="554" height="369" /> दशलक्षण धर्म पर्व के समापन पर जैन मंदिर में जुटी महिलाएं[/caption]
दो वर्ष बाद मना दशलक्षण धर्म पर्व
देवलटांड स्थित दिगंबर जैन मंदिर के अध्यक्ष भुवनेश्वर माझी व सचिव अजित माझी ने बताया कि कोरोना काल के बाद दौ वर्षों के अंतराल पर दशलक्षण धर्म पर्व का आयोजन किया गया. उन्होंने बताया कि जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं. जैन संस्कृति में जितने भी पर्व व त्योहार मनाए जाते हैं, लगभग सभी में तप एवं साधना का विशेष महत्व है. जैनों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पर्युषण पर्व. पर्युषण पर्व का शाब्दिक अर्थ है आत्मा में अवस्थित होना. इस पर्व के दौरान महिला पुरुष सभी समान रूप से भागीदारी निभाते हैं. धर्म पर्व के दौरान कर्मिक के रूप में रोहित माझी व सहयोगियों के रूप में शिवेश्वर माझी व श्रीमंद माझी ने अपना सहयोग दिया. मंदिर अध्यापिका के रूप में दीक्षा माझी के अलावा विपिन बिहारी माझी समेत बड़ी संख्या में धर्मावलंबी शामकल हुए. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-in-shitala-mandir-sai-colony-purendra-performed-bhoomi-pujan-of-durga-puja-pandal/">आदित्यपुर: शीतला मंदिर साईं कॉलोनी में पुरेंद्र ने किया दुर्गा पूजा पंडाल का भूमि पूजन
साल में तीन बार मनाया जाता है दशलक्षण पर्व
दशलक्षण पर्व साल में तीन बार मनाया जाता है लेकिन मुख्य रूप से यह पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से लेकर चतुर्दशी तक मनाया जाता है. दशलक्षण पर्व में जैन धर्म के जातक अपने मुख्य दस लक्षणों को जागृत करने की कोशिश करते हैं1 जैन धर्मानुसार दस लक्षणों का पालन करने से मनुष्य को इस संसार से मुक्ति मिल सकती है. संयम और आत्मशुद्धि के इस पवित्र त्योहार पर श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक व्रत रखते हैं. इस दौरान जैन व्रती कठिन नियमों का पालन भी करते हैं. पर्युषण पर्व की समाप्ति पर जैन धर्मावलंबी अपने यहां पर क्षमा की विजय पताका फहराते हैं और फिर उसी मार्ग पर चलकर अपने अगले भव को सुधारने का प्रयत्न करते हैं. इसे भी पढ़ें : जादूगोड़ा">https://lagatar.in/seraikela-deputy-commissioner-held-a-meeting-and-reviewed-various-schemes-including-revenue/">जादूगोड़ा: यूसील में 20 सितंबर से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार [wpse_comments_template]











































































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