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चांडिल : मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, फूंका पुतला

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Chandil (Dilip Kumar) : मणिपुर में कुकी समुदाय के दो आदिवासी महिला के साथ हुई कथित रूप से हुई सामूहिक दुष्कर्म के बाद निर्वस्त्र कर सड़क में घुमाने के विरोध में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के आदिवासी समाज के विभिन्न पारंपरिक ग्राम सभा के संयुक्त तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान चौका मोड़ में मणिपुर राज्य के मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया. मौके पर ग्राम प्रधानों ने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करती है. नारेबाजी करते हुए ग्राम प्रधानों ने दोषियों को अविलंब सजा देने की मांग की. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jmm-burnt-an-effigy-of-the-prime-minister-in-protest-against-the-incident-in-manipur/">जमशेदपुर

: मणिपुर की घटना के विरोध में जेएमएम ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका

उच्चस्तरीय जांच कराए सरकार

विरोध प्रदर्शन व पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधानों ने देश के राष्ट्रपति मणिपुर राज्य सरकार को अविलंब बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने, देश के आदिवासी व महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी देने, दुष्कर्म कांड की उच्चस्तरीय जांच एजेंसी से जांच कराने, दोषियों को फांसी देने, पीड़ित महिला को सम्मान व उसके परिजनों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पद से इस्तीफा देने की मांग किया. पुतला दहन कार्यक्रम में विष्णु सोरेन (माझी बाबा), अंजीत किस्कू (माझी बाबा), शक्ति पद हांसदा, बुद्धेश्वर किस्कु, महावीर हांसदा, दुबराज बेसरा, कृष्णा माझी, विश्वनाथ माझी, सोमरा बेसरा, ठाकुर टुडू, रजनी कांत किस्कू, विक्रम हांसदा, गौरांगो टुडू, संजीत सोरेन समेत बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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