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चांडिल : कलाकारों के लिए बनाई योजनाओं को धरातल पर उतारने की मांग

[caption id="attachment_583578" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/Chandil-Prabhat-Mahato.jpg"

alt="" width="600" height="600" /> प्रभात महतो.[/caption] Chandil (Dilip Kumar) : झारखंड लोक कलाकार संघ झारखंड, रांची के सचिव प्रभात महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कला-संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बनाए गए महत्त्वाकांक्षी योजनाओं को यथाशीघ्र धरातल पर उतारने की मांग की है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के कला संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के द्वारा विभिन्न योजनाएं स्वीकृत हैं, लेकिन कलाकार संघ द्वारा बार-बार आग्रह करने के बावजूद योजनाओं की क्रियान्वयन नहीं होने से इसका लाभ कलाकारों को नहीं मिल रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-rakeshwar-pandey-becomes-president-of-gemco-workers-union-amit-kumar-general-secretary/">जमशेदपुर

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अबतक शुरू नहीं हो सका गुरु-शिष्य परंपरा

प्रभात महतो ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2021 में राज्य के श्रेष्ठ एवं वृद्ध कलाकारों का पेंशन एक हजार रुपये से चार हजार रुपये बढ़ाने की स्वीकृति दी थी. पुनः 15 मार्च 2023 को राज्य मंत्री परिषद की बैठक में संशोधित करते हुए चार हजार रुपये से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने की स्वीकृति दी गई है. लेकिन इस योजना का लाभ आज तक एक भी कलाकार को नहीं मिला है. वहीं विभागीय अधिसूचना संख्या 07 दिनांक 16 जुलाई 2021 के द्वारा राज्य के लुप्त प्राय विभिन्न कला विद्या के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गुरु शिष्य परंपरा योजना स्वीकृत है, जो आज तक शुरू नहीं हुआ है. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-rally-taken-out-to-stop-womens-self-esteem-and-violence-against-women/">चक्रधरपुर

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नहीं हो रहा सुबह सबेरे व शनि परब का आयोजन

पत्र में उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की महत्वाकांक्षी योजना सुबह सवेरे एवं शनि परब कार्यक्रम प्रत्येक जिला मुख्यालय में प्रत्येक शनिवार को सुबह में सुबह सबेरे और प्रत्येक शनिवार शाम में शनि परब कार्यक्रम का संचालन पूर्व में कराया जा रहा था. झारखंड के कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यही एक योजना है जिसमें अधिक से अधिक कलाकार लाभान्वित होते हैं यह कार्यक्रम वर्ष 2019 से ही लगातार बंद है. प्रभात महतो ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि कला-संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बनाए गए महत्वाकांक्षी योजनाओं को यथाशीघ्र शुरू कराएं. [wpse_comments_template]

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