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चांडिल : लैम्पस में रुपये जमा कराना विस्थापितों को पड़ा भारी, लैम्पस हुआ बंद, आंदोलन का शंखनाथ

Chandil ( Dilip Kumar) : चांडिल डैम के विस्थापित चारों ओर से ठोकरें खाने पर मजबूर हैं. रुपयों को दो गुणा करने के साथ सुरक्षित रखने के लिए विस्थापितों ने ईचागढ़ लैम्पस लिमिटेड में जमा किया. वहीं लैम्पस में जब ढाई करोड़ से अधिक की राशि जमा हो गई तो लैम्पस संचालक रुपये गबन कर लैम्पस को बंद दिया. गरीब व विस्थापितों के जमा पूंजी उन्हें वापस दिलाने के लिए अभी तक किसी भी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि ने कोई सार्थक पहल नहीं की है. वर्तमान स्थिति ये है कि लैम्पस पिछले पांच-छह वर्ष से बंद है और रुपये जमा करने वाले विस्थापित व गरीब किसान बेवश. ये भी पढ़ें : मनोहरपुर">https://lagatar.in/seraikela-various-sports-organizations-will-meet-dc-to-organize-khel-mahakumbh/">मनोहरपुर

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जांच में मिला था गबन का मामला

लैम्पस में जमा राशि की जब मियाद जब पूरी होने लगी तो रुपये जमा करने वाले ग्रामीण अपने रुपये लेने पहुंचने लगे. मियाद पूरा होने पर दो गुणा राशि मिलने की आशा में लैम्पस पहुंचने वालों को निराशा हाथ लगी जब उनके रुपये उन्हें नहीं मिले. मामला चर्चा का विषय बना और न्यायालय तक पहुंचा. जांच हुई और जांच में गबन का मामला सामने आया. लैम्पस के तत्कालीन सदस्य सचिव मनोज कुमार को 97 लाख 37 हजार 97 रुपये गबन करने का दोषी माना गया. इसके साथ ही दिवंगत मनोज कुमार की पत्नी विभा सिन्हा और उनके पुत्र तरूण कुमार मयंक जो वैधानिक उत्तराधिकारी के रूप में उनके मृत्यु का लाभ लेते हुए अनुकंपा के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त कर चुके हैं, से गबन राशि का 18 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूली करने का आदेश दिया गया था. न्यायालय ने सहायक निबंधक सहयोग समितियां सरायकेला को आदेश दिया था कि उक्त राशि की वसूली कर समिति के बैंक खाते के माध्यम से उनके जमाकर्ता को राशि वापस कर दी जाए. लेकिन अबतक ऐसा हुआ नहीं. ये भी पढ़ें : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-six-new-corona-infected-found-in-the-district/">सरायकेला

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रुपये वापस नहीं मिले तो देंगे धरना

ईचागढ भाग दो के जिला परिषद सदस्य ज्योतिलाल माझी ने कहा कि लैम्पस में रुपये जमा करने वालों के रुपये वापस नहीं मिले तो प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना पर बैठेंगे. इस संबंध में मंगलवार को प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित शिव मंदिर में लैम्पस में रुपये जमा करने वालों के साथ जिला परिषद सदस्य ने बैठक की और वास्तविकता की जानकारी ली. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि क्षेत्र के गरीब जनता ने लैम्पस में दो करोड़ 57 लाख से अधिक की राशि जमा करवाया है. विस्थापित, गरीब व किसानों के जमा रुपये वापस नहीं मिलने के कारण उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा और अब भी कर रहे हैं. ये भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-dc-instructed-to-return-the-amount-of-the-schemes-of-dmft-item-which-were-not-completed/">जमशेदपुर

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उधार लेकर किया बेटी की शादी

[caption id="attachment_363248" align="aligncenter" width="498"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/chandil-1.jpeg"

alt="" width="498" height="332" /> बलराम गोप, पीड़ित[/caption] ईचागढ़ प्रखंड के दालग्राम निवासी बलराम गोप ने बताया कि उन्होंने गौरांगकोचा स्थित ईचागढ़ लैम्पस लिमिटेड में एक जुलाई 2009 को एक लाख रुपये फिक्स डिपोजिट किया था. जिसका मियाद एक जुलाई 2019 को पुरा हुआ. जिसका परिपक्वता राशि लाख दो सौ हो गया है. उन्होंने बताया कि लैम्पस से उसे अबतक एक रुपया भी नहीं मिला. इस दौरान बेटी के शादी भी तय हो चुका था. रुपये नहीं मिलने के कारण बेटी की शादी लोगों से उधार लेकर करना पड़ा. [wpse_comments_template]

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