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चांडिल : भादो अमावस्या महोत्सव में भजनों के सागर में गोते लगाते रहे श्रद्धालु

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Chandil (Dilip Kumar)चांडिल डैम रोड स्थित श्री राणी सती दादी मंदिर में दो दिवसीय भादो अमावस्या महोत्सव शुक्रवार को हर्षोल्लास पूर्वक संपन्न हुआ. इस अवसर पर दादी की प्रतिमा को फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया एवं भव्य रूप दिया गया था. दो दिवसीय महोत्सव में दादी जी का आलौकिक शृंगार, अखंड ज्योत, भजनों की अमृत गंगा, मावस की धोक, सवामणि एवं छप्पन भोग व महाप्रसाद का आयोजन किया गया. शुक्रवार को महोत्सव के अंतिम दिन राणी सती दादी की पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई. इसके बाद मंगलपाठ हुआ. इस वर्ष मंगलपाठ वाचक के रूप में अमरेश झा एंड टीम को आमंत्रित किया गया था. मंगलपाठ में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं. महोत्सव के दौरान छप्पन भोग के साथ सवामणि का प्रसाद लगाया गया. दोपहर में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/two-youths-arrested-with-brown-sugar-worth-five-lakhs-in-hazaribagh/">हजारीबाग

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भजनों के सागर में गोते लगाते रहे श्रद्धालु

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/Chandil-Dadi-Mangal-Path-1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> भाद्र अमावस्या महोत्सव के पहले दिन गुरुवार को महिलाओं ने दादी जी को सोलह शृंगार के साथ नए वस्त्र दिए. मंदिर के पुरोहित ने दादीजी का शृंगार किया. महोत्सव के शुभ अवसर गुरुवार को रात आठ बजे ज्योत प्रज्ज्वलित करने के बाद आमंत्रित कलाकार मनोज सैन व सुमित्रा बनर्जी एंड टीम द्वारा भजन प्रस्तुत किए. भजनों की अमृत गंगा में श्रद्धालु देर रात तक गोते लगाते रहे. श्री राणी सती दादी मंदिर में दो दिवसीय भाद्र अमावस्या महोत्सव के दौरान यहां श्री दादी जी के आलौकिक रूप का दर्शन करने व भक्ति भाव से भजन और मंगलपाठ करने दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं और दादी जी का आशीर्वाद लेते हैं. दो दिवसीय भाद्र अमावस्या महोत्सव के दौरान पूरे मंदिर परिसर की फूलों से आकर्षक सजावट की गई थी. [wpse_comments_template]

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