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घरों में भी श्रद्धालु कर रहे पूजा-अर्चना
[caption id="attachment_436664" align="aligncenter" width="575"]alt="" width="575" height="383" /> चौका में सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा समिति की ओर से निकाली गई कलश जलयात्रा में शामिल श्रद्धालु.[/caption] चौका स्थित सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा समिति की ओर से निकाली गई कलश जलयात्रा में 301 श्रद्धालुओं ने कलश में पवित्र जल को सिर पर रखकर मंदिर तक पहुंचाया. इसके साथ अनुमंडल क्षेत्र के सभी मंदिर व पूजा पंडालों में दुर्गोत्सव को लेकर कलश जलयात्रा निकाली गई. कलश स्थापना के बाद देवी दुर्गा की आराधना शुरू की गई. इसके अलावा कई लोग अपने घरों में कलश स्थापित कर देवी का पाठ कर रहे हैं. विजया दशमी तक पूरा अनुमंडल क्षेत्र देवी की भक्ति में लीन रहेगा. इसे भी पढ़ें : राजनगर">https://lagatar.in/rajnagar-congressmen-celebrated-the-birth-anniversary-of-gandhi-and-shastri/">राजनगर
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अनुमंडल क्षेत्र में होती है 33 लाइसेंसी और 64 गैर लाइसेंसी पूजा
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में देवी दुर्गा की पूजा कुल 97 स्थानों में की जाती है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार चांडिल अनुमंडल में 33 स्थानों में लाइसेंसी और 64 स्थानों में गैर लाइसेंसी पूजा कमेटी हैं. अनुमंडल के पांच थाना क्षेत्रों में पूजा के दौरान विजया दशमी के दिन कुल नौ स्थानों में रावण दहण का आयोजन किया जाता है. जानकारी के अनुसार अनुमंडल के चांडिल थाना क्षेत्र में चार लाइसेंसी और नौ गैर लाइसेंसी पूजा समिति दुर्गोत्सव का आयोजन करती हैं. चांडिल थाना क्षेत्र में रावण दहण नहीं किया जाता है. वहीं चौका थाना क्षेत्र में चार लाइसेंसी व पांच गैर लाइसेंसी पूजा होती है. यहां एक स्थान पर रावण दहण का आयोजन किया जाता है. कपाली ओपी क्षेत्र में एक स्थान पर लाइसेंसी और पांच स्थानों में गैर लाइसेंसी समिति की ओर से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है. यहां एक स्थान पर रावण दहन किया जाता है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-jharkhand-chetna-manch-distributed-fruits-among-leprosy-patients-on-gandhi-shastri-jayanti/">आदित्यपुर: झारखंड चेतना मंच ने गांधी-शास्त्री के जयंती पर कुष्ठ रोगियों में बांटा फल नीमडीह थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 14 स्थानाें में लाइसेंसी और पांच स्थानों में गैर लाइसेंसी पूजा की जाती है. यहा दो स्थानों में रावण दहन किया जाता है. इसी प्रकार ईचागढ थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 37 स्थानों में देवी दुर्गा की पूजा की जाती है. इनमें आठ स्थानों में लाइसेंसी व 27 स्थानों में गैर लाइसेंसी पूजा समिति है. ईचागढ में भी दो स्थानों में रावण दहन का कार्यक्रम होता है. अनुमंडल क्षेत्र के तिरूलडीह थाना क्षेत्र में कुल 13 स्थानों में दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है. तिरूलडीह में दो लाइसेंसी व 11 गैर लाइसेंसी पूजा समिति है. यहां तीन स्थानों में रावण दहन किया जाता है. [wpse_comments_template]

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