alt="" width="600" height="450" /> खेत से नाली काट कर निकाला जा रहा पानी.[/caption] इसे भी पढ़े : बेरमो:">https://lagatar.in/bermo-manipulation-started-in-the-election-of-deputy-chief-everyone-has-their-own-choice/">बेरमो:
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नहर में पानी बहने से बेवजह खेतों में पानी जा रहा
गरमा धान की फसल पक कर कटने के लिए तैयार हो गया है. अब गरमा धान की फसल में सिंचाई की जरूरत भी नहीं है. इसके बावजूद नहर को बंद नहीं कराया गया है. नहर में पानी बहने से बेवजह खेतों में पानी जा रहा है. वहीं, किसान गिले खेत से धान की फसल को काटकर कड़ी मेहनत से सुखे जगह पर रख रहे हैं, जिससे फसल का नुकसान हो रहा है. ऐसे में किसानों को अपने फसल को सुरक्षित घर ले जाने के लिए दोगुना मेहनत करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़े : बिहारः">https://lagatar.in/bihar-air-fare-increased-tremendously-patna-to-delhi-fare-reached-27-thousand/">बिहारःआसमान छू रहा एयर फेयर, पटना से दिल्ली का किराया पहुंचा 27 हजार
खरिब फसल की बीज बोने में हो रही दिक्कत
विदित हो कि खेत गिला रहने के कारण खरिब फसल की बीज बोने में भी दिक्कत हो रही है. लगातार नहर में पानी बहने से नहर के किनारे खेतों में पानी घुस रहा है. यहां के मुख्यत फसलों में धान है, जो खरिब फसल में ज्यादातर उगाई जाती है. धान के बीज तैयार करने के लिए सुखे खेत में बीज बोये जाते हैं. लेकिन लगातार नहर में पानी बहने से खेत सुख नहीं रहे हैं, जिससे किसानों को बीज बोने में दिक्कतों हो रही हैं. इसे भी पढ़े : बाढ़">https://lagatar.in/12-people-died-in-assam-and-19-in-meghalaya-due-to-floods-and-landslides-19-lakh-people-affected-in-assam-highest-rainfall-since-1940/">बाढ़और लैंडस्लाइड से असम में 12 और मेघालय में 19 लोगों की मौत, असम में 19 लाख लोग प्रभावित, 1940 के बाद सबसे ज्यादा बारिश [wpse_comments_template]

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