Chandil (Dilip Kumar) : ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) के सरायकेला-खरसावां जिला कमेटी की ओर से रविवार को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ जिला स्तरीय शिक्षा कन्वेंशन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे अर्का जैन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. रूपा सरकार उपस्थित थीं. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संगठन के प्रदेश सचिव सोहन महतो ने कहा कि छात्रों और शिक्षा प्रेमियों की यह लड़ाई सिर्फ शिक्षा बचाने की ही लड़ाई नहीं है, बल्कि सभ्यता और इंसानियत बचाने की भी लड़ाई है. सरायकेला-खरसावां में भी प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा की बदहाली अपने चरम पर है. सरकार द्वारा शिक्षा बजट में कटौती एवं आवश्यक संसाधनों की कमी की वजह से सार्वजनिक शिक्षा हांफ रही है. इसे भी पढ़ें : Jamshedpur">https://lagatar.in/jamshedpur-sundernagar-police-launched-drug-de-addiction-campaign-in-bhudrudih/">Jamshedpur
: सुंदरनगर पुलिस ने भुडरूडीह में चलाया नशा मुक्ति अभियान सरकार द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति 2020 बची-खुची सरकारी शिक्षा को भी समाप्त कर रही है. उन्होंने यह शिक्षा नीति शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण व सांप्रदायीकरण की ब्लूप्रिंट के सिवा कुछ नहीं है. शिक्षा का काम छात्रों में तार्किक सोच तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना होना चाहिए, जबकि एनईपी 2020 में डार्विन के स्थापित सिद्धांतों को भी पाठ्यक्रम से हटाया जा रहा है. हायर एडुकेशन में शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को खत्म कर शिक्षा के केंद्रीयकरण के नाम पर सारा नियंत्रण केंद्र सरकार अपने हाथों में ले रही है. शैक्षिक प्रशासन को समग्र रूप से केंद्रीकृत करने का सरकार का प्रयास शिक्षा के मामलों को पूरी तरह से निरंकुश तरीके से नियंत्रित करने की प्रवृत्ति को इंगित करता है. साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सरकारी शिक्षा व्यवस्था को समूल नष्ट करने और शिक्षा का संपूर्ण व्यवसायीकरण करने की नीति है. इसे भी पढ़ें : Ghatshila">https://lagatar.in/ghatshila-pulse-polio-dose-given-to-13-thousand-children/">Ghatshila
: 13 हजार बच्चों को पिलाई गई पल्स पोलियो की खुराक इस नीति का उद्देश्य आजादी के बाद से शासक वर्ग द्वारा शिक्षा पर किए गए लगातार हमलों के बाद भी धर्मनिरपेक्ष, जनवादी और वैज्ञानिक शिक्षा के बचे-खुचे अवशेषों को मिटा देना है. नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का ही नतीजा है कि स्कूल-कॉलेजों और केंद्रीय सहित सभी विश्वविद्यालयों में बेतहाशा फीस वृद्धि हो रही है. सरायकेला-खरसावां में स्थायी शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली हैं. कार्यक्रम का संचालन एआईडीएसओ के जिला कार्यालय सचिव युधिष्ठिर प्रामाणिक ने किया. मौके पर राज्य सचिव मंडली सदस्य विशाल बर्मन, सोनी सेनगुप्ता, जिला अध्यक्ष विशेश्वर महतो, सचिव प्रभात महतो, अमन सिंह, कार्तिक गोप, लक्कीकांत पातर, राजा प्रमाणिक सहित बड़ी संख्या में छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-made-way-for-drainage-of-water-by-doing-shramdaan/">Chandil
: श्रमदान कर पानी की निकासी का बनाया रास्ता [wpse_comments_template]
Chandil : नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के खिलाफ शिक्षा कन्वेंशन आयोजित
Leave a Comment