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चांडिल : पूजा स्थल, गौचर भूमि एवं सार्वजनिक फुटबॉल मैदान पर किया जा रहा अतिक्रमण

Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल प्रखंड के पुड़ीसिली ग्राम के पारंपरिक मांझी बाबा जादू मार्डी की अध्यक्षता में पुड़ीसिली क्लब भवन में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें शामिल ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पारंपरिक जाहेर पूजा स्थल, गौचर भूमि एवं फुटबॉल मैदान की अवैध खरीद बिक्री पर रोक लगाते हुए अवैध तरीके से किए जा रहे अतिक्रमण पर रोक लगाने की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि उक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कर पुड़ीसिली पारंपरिक जाहेर पूजा स्थल, गौचर भूमि एवं सार्वजनिक फुटबॉल मैदान को सुरक्षित करना सुनिश्चित किया जाए, जिससे ग्रामीण शांति पूर्वक सभी प्रकार के कार्यक्रम, पूजा-पाठ और खेल प्रतियोगिता का आयोजन सुचारू रूप से कर सकें और गौचर भूमि पर गाय, बैल, बकरी आदि को चरा सके. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-mla-sukhram-oraon-laid-the-online-foundation-stone-for-nine-deep-boring-works/">चक्रधरपुर

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क्या है मामला

ग्रामीणों ने बताया कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र अंतर्गत मौजा पुड़ीसिली, खाता नंबर 85, प्लाॅट नंबर 469/1104, रकवा 2.46 एकड़ और खाता नंबर 182, प्लाॅट नंबर 469, रकवा 2.04 एकड़प्लाॅट नंबर 468 रकवा 0.19 एकड़ कुल रकवा 2.23 एकड़ भूमि को अंचल अधिकारी के कार्यालय चांडिल द्वारा नामांतरण मुकदमा संख्या 52 आर 27/2016-2017 चांडिल को अस्वीकृत किया जा चुका है. इसके बाद भी पारंपरिक प्राकृतिक सरहूल व बाहा पूजा स्थल, गौचर भूमि और सार्वजनिक फुटबॉल मैदान को भू-माफियाओं द्वारा अवैध खरीद बिक्री करते हुए भूमि का अतिक्रमण किया जा रहा है. लोगों ने कहा कि ऐसा कर भू-माफियाओं द्वारा ग्रामीणों को पूर्व की पूजा स्थल, गौचर भूमि एवं सार्वजनिक फुटबॉल मैदान से बेदखल किया जा रहा है, जो असंवैधानिक है. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-trail-taken-out-from-maubhandar-shiva-temple-on-shyam-annual-festival/">घाटशिला

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ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

बैठक में ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया. ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मामले में अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करती है तो ग्रामीण अपने स्तर से उग्र आंदोलन करते हुए कार्रवाई करने को बाध्य होंगे. इस दौरान उत्पन्न स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की ही होगी. बैठक में जादू मार्डी, मारांग सोरेन, नुनूराम मुर्मु, बालिराम मार्डी, बाबु राम सोरेन, सुनाराम सोरेन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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