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पानी के अभाव में सूख रहे धान के बिचड़े
किसानों ने बताया कि धान बुआई का समय भी पार हो गया है. अब अगर अच्छी बारिश भी हुई तो धान रोपने से भी फसल का पैदावार होने की संभावना नहीं है. पानी के अभाव में धान के बिचड़े सूख रहे है. अभी हाइब्रिड बीज का जमाना है, जिसे 15 से 25 दिनों के अंदर रोपाई करना पड़ता है. क्षेत्र में धान का बिचड़ा तैयार हुए डेढ़ से दो महिने हो गए लेकिन अब तक खेती सौ प्रतिशत नहीं हो सकी है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-18-year-old-man-commits-suicide-by-making-noose-of-mothers-sari/">आदित्यपुर: मां की साड़ी का फंदा बनाकर 18 वर्षीय युवक ने कर ली आत्महत्या
कृषि ही आजीविका का मुख्य साधन
किसानों ने बताया कि वे मानसून की बारिश के भरोसे कृषि पर ही निर्भर हैं. किसानों का मुख्य फसल धान है. जिस की खेती वर्ष में एक बार ही की जाती है. इस बार तो बारिश नहीं होने के कारण खेती नहीं होने पर उनके समक्ष विकट स्थिति पैदा होने की संभावना है. उप मुखिया संतोष कुमार सिंह व कीर्ति चंद्र महतो ने कहा कि अब तक सरायकेला-खरसावां जिला को सुखाड़ क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सांसद व विधायक इस संबंध में चुप है. खेती नहीं होने के कारण लोग अब रोजगार के लिए पलायन करने पर विचार कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें : मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-crpf-took-out-tricolor-rally-in-tonto-for-the-tricolor-campaign-at-every-house/">मनोहरपुर: टोंटो में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर सीआरपीएफ ने निकाली तिरंगा रैली

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