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Chandil: 23 नवंबर को खुलेगी इवीएम में बंद प्रत्याशियों की किस्मत, जोड़-घटाव में लीन हैं नेता व कार्यकर्ता

Chandil (Dilip Kumar) : झारखंड में विधानसभा चुनाव का दो चरणों में मतदान संपन्न होने के बाद अब राज्य में किसकी सरकार बनेगी, इस पर चर्चा चल रही है. आम जनता भी अपने आकलन से चौक-चौराहों पर भी सरकार बनाने में जुटे हुए हैं. वहीं मतगणना की तिथि नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों के नेता व कार्यकर्ता मतों को जोड़-घटाव कर अपनी जीत के आकलन में लीन हैं. विभिन्न बूथों पर पड़े मत और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा कर राजनीतिक दलों के नेता हार-जीत का आकलन कर रहे हैं. वैसे ईचागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में कोई भी हार-जीत का स्पष्ट आकलन नहीं कर पा रहे हैं. यहां चुनावी संघर्ष काफी निकट का बताया जा रहा है. चुनाव का परिणाम चाहे कुछ भी हो आम मतदाता इस चुनाव में अंतिम समय तक अपना राज नहीं खोला, जो प्रत्याशियों के लिए चिंता का विषय बन गया है.

नये चेहरों ने बिगाड़ा खेल

विधानसभा चुनाव में इस बार नये चेहरों ने ईचागढ़ में खेल बिगाड़ कर रख दिया है. चर्चा के बाजार में नये चेहरों का जिक्र बार-बार हो रहा है. कहा जा रहा है कि अपने बूते पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले सुखराम हेम्ब्रम ने आदिवासी वोटों पर अच्छी सेंधमारी की है. वहीं झारखंड में चल रहे जयराम महतो की लहर में ईचागढ़ भी बहा है. इसकी चर्चा भी हर चौक-चौराहों पर हो रहा है कि जेएलकेएम उम्मीदवार तरुण महतो ने ईचागढ़ का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ दिया है. अपने आकलन में लोगों का कहना है कि इस बार ईचागढ़ राजनीतिक रूप से आजाद हो जाएगा और एनडीए उम्मीदवार हरेलाल महतो की जीत के साथ 40 वर्षों के बाद ईचागढ़ का मतदाता ही विधायक बनेगा. एनडीए के पहले स्थानीय प्रत्याशी बनने का लाभ भी उन्हें मिलेगा.

अरविंद सिंह भी चर्चा में

वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि ईचागढ़ से इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सविता महतो की जीत सुनिश्चित है. मंईयां सम्मान योजना और बिजली बिल माफी के नाम पर उम्मीदवार को काफी बढ़त मिल रही है. वे लगातार दूसरी बार ईचागढ़ का विधायक बनले वाली तीसरी नेता बनेगी. इसके पूर्व ईचागढ़ से धनश्याम महतो और अरविंद कुमार सिंह लगातार दो बार चुनाव जीतकर विधायक बने हैं. इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार रहे अरविंद कुमार सिंह की भी चर्चा जोरों पर चल रही है. लोगों का कहना है कि अरविंद कुमार सिंह के भी चुनाव जीतने के आसार हैं. कहा जा रहा है कि पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह ने भाजपा के वोट पर सेंधमारी की है. कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता तो उनके समर्थन में भी खड़े थे, जो एनडीए के चुनावी कार्यक्रमों में नदारद थे.

23 को खुलेगा पिटारा

बहरहाल चुनाव के दौरान किसके पक्ष में मतदान हुआ है, ईचागढ़ के वोटर किसे अपना विधायक बनाना चाहते हैं, चुनाव प्रचार के दौरान कौन प्रत्याशी वोटरों को अधिक लुभा सका है, इसका खुलासा 23 नवंबर को हो जाएगा. ईवीएम में बंद प्रत्याशियों की किस्मत 23 नवंबर को खुलेगी. मतगणना के बाद चुनाव जीतकर विधायक बनने वाले के नाम की घोषणा की जाएगी. एक दिन बाद होने वाले मतगणना के लिए प्रशासन के साथ उम्मीदवार भी तैयारी कर रहे हैं. ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के अलावा सरायकेला और खरसावां विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना सरायकेला में होगी. बहरहाल, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और आम मतदाताओं को भी मतगणना के दिन का इंतजार है. इसे भी पढ़ें : Chandil:">https://lagatar.in/chandil-even-after-three-months-the-kingpin-of-fake-illegal-lottery-is-still-away-from-the-police-the-pace-of-illegal-business-is-increasing/">Chandil:

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