- जंगल में लगी आग के कारण पलायन कर रहे वन्य जीव, ग्रामीण भयभीत
और शाह विक्रेता हैं…अंबानी-अडानी खरीदार… मल्लिकार्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर करारा हमला धधक रही आग के कारण तराई में बसे गांवों के ग्रामीण भयभीत है. ऐसे में ग्रामीण पहरेदारी करते हुए रात बीता रहे हैं. भीषण गर्मी के बीच जंगल में आग लगने से जंगल के जीव-जंतु ग्रामीण क्षेत्र की ओर अपना रूख कर रहे हैं. आग लगने के बाद जीव-जंतुओं में भोजन की भी किल्लत हो जाती है. वहीं दूसरी ओर दलमा में पानी की भी किल्लत बताया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : आवश्यक">https://lagatar.in/ensure-smooth-voting-for-all-voters-connected-with-essential-services-k-ravi-kumar/">आवश्यक
सेवाओं से जुड़े सभी मतदाताओं के लिए सुगम मतदान सुनिश्चित कराएं : के रवि कुमार
दलमा में चार क्यूआरटी है सक्रिय
alt="" width="600" height="400" /> दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के वन क्षेत्र पदाधिकारी दिनेश चंद्रा ने बताया कि दलमा क्षेत्र में आग लगने की घटना घट रही है. इसके रोकथाम के लिए चार क्यूआरटी बनाया गया है. दलमा के पूर्वी भाग में दो और पश्चिमी भाग में दो टीम सक्रिय है. पूर्वी भाग के एक टीम में 20 व दूसरे में 25 सदस्य हैं, जबकि पश्चिमी भाग के एक टीम में 15 और दूसरे में 17 सदस्य है. टीम के द्वारा आग लगने की सूचना और विभागीय पदाधिकारी के निर्देश पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाता हैं. इसे भी पढ़ें : रामगढ़">https://lagatar.in/ramgarh-voter-awareness-campaign-conducted-in-haat-bazaar/">रामगढ़
: हाट बाजार में चलाया गया मतदाता जागरूकता अभियान उन्होंने बताया कि विदेशों की तरह यहा गर्मी के मौसम में भी अपने से आग नहीं लगती है. आग लग भी जाती है तो बुझ जाती है. यहां अमूमन जंगल में शरारती तत्वों द्वारा आग लगाया जाता है. जंगल में कोई आग ना लगा दे इसके लिए लगातार पेट्रोलिंग किया जा रहा है. जंगल में आग लगाते हुए पकड़े जाने पर अभियुक्त को सीधे जेल भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि आग लगने से जंगल को अधिक नुकसान नहीं होता है. जीव-जंतुओं को कुछ परेशानी होती है. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-massive-fire-breaks-out-in-wedding-house-goods-worth-rs-1-5-crore-burnt-to-ashes/">हजारीबाग
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