Search

 
 
 

Chandil : अपने सांसद के केंद्रीय मंत्री बनाये जाने पर विस्थापितों में जगी आस

 
Chandil (Dilip Kumar) : रांची संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर संजय सेठ केंद्रीय मंत्रीमंडल में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं. मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें रक्षा राज्य मंत्री बनाया गया है. सांसद के केंद्रीय मंत्री बनने पर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में खुशी का माहौल है. सबसे अधिक खुशी चांडिल डैम के विस्थापितों में देखी जा रही है. चांडिल डैम के कई विस्थापित परिवार बगैर संपूर्ण मुआवजा व पुनर्वास सुविधा के जिंदगी गुजार रहे हैं. इसे भी पढ़ें : Jamshedpur">https://lagatar.in/jamshedpur-end-of-eight-months-of-chaos-in-baridih-gurudwara-kuldeep-singh-gill-is-the-new-head/">Jamshedpur

: बारीडीह गुरुद्वारा में आठ महीने की ऊहापोह पर विराम, कुलदीप सिंह गिल नये प्रधान

चुनाव में कहा था, परियोजना की सीबीआई जांच होकर रहेगी

सांसद ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान संसद के पटल पर चांडिल डैम के विस्थापितों के मामलों को बार-बार उठाया था. उन्होंने सुवर्णरेखा परियोजना की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की थी. चुनाव के दौरान उन्होंने कहा कि परियोजना की सीबीआई जांच होकर रहेगी. अब सांसद केंद्र में रक्षा राज्य मंत्री बन गए हैं. ऐसे में चांडिल डैम के विस्थापितों में यह आस जगी है कि अब परियोजना की सीबीआई जांच होगी. चांडिल डैम के विस्थापितों का कहना है कि अब विस्थापितों का हक मारने वालों पर गाज गिरेगी. विस्थापितों का संपूर्ण पुनर्वास की सुविधा मिलेगी. उनके बकाए मुआवजा का भुगतान किया जाएगा. दूसरों के नाम पर मुआवजा उठाने वालों पर कार्रवाई होगी. विस्थापितों के नाम पर नौकरी करने वाले गैर विस्थापितों को दंडित किया जा सकेगा. इसे भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-district-tops-the-entire-state-in-donating-blood/">गिरिडीह

जिला रक्तदान करने में पूरे राज्य में अव्वल

निराश तो नहीं करेंगे मंत्री

ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता अपने सांसद संजय सेठ के केंद्रीय मंत्री बनाए जाने पर खुश तो हैं, लेकिन उन्हें यह भय भी सता रही है कि कहीं मंत्री लोगों को निराश तो नहीं करेंगे. इसके पहले तीन बार चुनाव जीतकर सुबोधकांत सहाय केंद्रीय मंत्री बने थे. अंतिम बार केंद्रीय पर्यटन मंत्री रहते सुबोधकांत सहाय ने ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के कई स्थानों का कायाकल्प करने का भरोसा दिया था. चांडिल डैम में ओपन थियेटर, जयदा स्थित बुढ़ाबाबा शिव मंदिर, जारगो महादेवबेड़ा शिव मंदिर, देवलटांड के जैन मंदिर, पामिया का महामाया मंदिर समेत कई धार्मिक स्थानों काे विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया था, लेकिन कही भी किसी प्रकार का विकास का काम नहीं हो सका था. केंद्रीय मंत्री लोगों के संदेह को किस प्रकार दूर करेंगे, यह समय ही बताएगा. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही