- यहां पुलिस अधीक्षक के आदेशों का भी नहीं हो रहा पालन
: गोईलकेरा में मालवाहक ऑटो पलटने में दो घायल, एक रेफर दिन पर दिन टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवैध कारोबार का अड्डा कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहा है. कानून व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता काला कारोबार क्षेत्र के लिए बदनुमा दाग बनता जा रहा है. टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग 33 के किनारे होटलों और झाड़ियों की आड़ में काले कारनामों से धन कमाने की धंधेबाजों की ललक देखकर आम लोग आश्चर्य में हैं. बताया जा रहा है कि टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर ईचागढ़ थाना के करीब ढाई किलोमीटर का क्षेत्र आता है. इसी ढाई किलोमीटर में चार स्थानों पर अवैध कारोबार संचालित हो रहे हैं. अवैध डिपो में काम करने वाले मजदूरों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रात के वक्त गोरखधंधा पूरे परवान पर रहता है. रातभर ट्रकों से कोयला, छड़, पाइप, स्पंज आयरन आदि उतारा जाता है और सुबह तक दूसरे ट्रकों में लोड कर उसे खरीदारों तक भेज दिया जाता है. इस प्रकार का गोरखधंधा बगैर किसी रोक-टोक के चल रहा है. काला धंधा स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है. इसे भी पढ़ें : लोहरदगा:">https://lagatar.in/elephant-herd-damaged-five-houses/">लोहरदगा:
हाथियों के झुंड ने पांच घरों को किया क्षतिग्रस्त ईचागढ़ का नागासेरेंग काला कारोबार का हब बन गया है. यहां तीन से अधिक अवैध टाल संचालित किए जाने की सूचना है. स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध कारोबार को अंजाम देने वाले अधिकतर लोग जमशेदपुर, रांची और बिहार से हैं और दबंग किस्म के हैं, जिसके कारण आम लोग इनका विरोध नहीं कर पाते हैं. वहीं दूसरी ओर ईचागढ़ क्षेत्र बालू के अवैध कारोबार भी परवान पर है. खनन विभाग को आए दिन छापामारी के दौरान यहां बालू का अवैध ढेर मिलता है. पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के दौरान बालू लदे वाहन भी जब्त किए जाते हैं. इसे भी पढ़ें : सिमडेगा:">https://lagatar.in/dc-inspected-the-panchayats/">सिमडेगा:
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