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चांडिल : उद्योग का रूप ले चुका है नागासेरेंग में अवैध कोयले का करोबार

Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में गैर कानूनी कारोबार दिन पर दिन परवान चढ़ता जा रहा है. यह अवैध कारोबार चाहे बालू तस्करी का हो, काेयला कटिंग का या फिर लोहे का. अवैध कोयला का कारोबार कानून व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है. बताया जा रहा है कि टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर ईचागढ़ थाना क्षेत्र के नागासेरेंग में कोयले का अवैध कारोबार अब उद्योग का रूप ले चुका है. चौका थाना क्षेत्र की तरह ही ईचागढ़ थाना क्षेत्र में कारोबारियों का अवैध कारोबार परवान पर है. नागासेरेंग बाजार के निकट झाड़ियों के बीच बड़े पैमाने पर कोयला और लोहा का गैरकानूनी धंधा किए जाने की सूचना है. यहां दिन-रात वाहनों का तांता लगा रहता है, जिससे कोयला और छड़ आदि उतारा जाता है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-arka-jain-university-starts-value-added-course-for-skill-development-of-students/">जमशेदपुर

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ट्रकों से कोयला उतारकर डाला जाता है पत्थर

बताया जाता है कि ईचागढ़ थाना क्षेत्र के नागासेरेंग में ट्रकों से कोयला उतारकर उसका वजन समतुल्य रखने के लिए पत्थर मिला दिया जाता है. इतना ही नहीं कोयले में भरपुर मात्रा में पानी भी मिलाया जाता है. उस क्षेत्र में किए गए बोरिंग से पाईप के माध्यम से ट्रकों पर लदे कोयले पर पानी का छिड़काव किया जाता है. अवैध डिपो में काम करने वाले मजदूरों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रात के वक्त गौरखधंधा पूरे परवान पर रहता है. रातभर ट्रकों से कोयला उतारा जाता है और सुबह तक दूसरे ट्रकों में लोड कर उसे खरीदारों तक भेज दिया जाता है. इस प्रकार का गौरखधंधा बगैर किसी रोक-टोक के चल रहा है. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-ranchi-police-pasted-an-advertisement-at-the-house-of-the-absconding-accused-in-the-fraud-case/">घाटशिला

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गोलबंद हो रहे लोग

क्षेत्र में चल रहे काले कारनामों के खिलाफ अब क्षेत्र के अमन पसंद लोग गोलबंद होने लगे हैं. लोगों का कहना है कि टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर कदम-कदम की दूरी पर चल रहे इस गौरखधंधों की जानकारी क्या पुलिस-प्रशासन को नहीं है. क्या पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर हो गया है या फिर उसकी मिली भगत से कारोबार संचालित किया जा रहा है. इस प्रकार के गलत धंधा देखकर युवा पीढ़ी पर गलत प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में युवाओं के लिए आने वाला भविष्य अच्छा नहीं होगा. लोग इस प्रकार के गौरखधंधे रोकने के लिए आंदोलन का रूख अख्तियार करने का मन बना रहे हैं. [wpse_comments_template]

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