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चांडिल : विधानसभा में विधायक ने हाथी से नुकसान का मामला उठाया

Chandil (Dilip Kumar)ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में हाथियों के झुंड का उत्पात मचाया जाना विकराल समस्या बन गई है. आए दिन जंगली हाथियों का झुंड किसी ना किसी गांव में जान व माल का नुकसान करते रहते हैं. कई क्षेत्रों में तो लोग अंधेरा होने के बाद घर से निकलने में डरते हैं. विधायक सविता महतो ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान क्षेत्र में हाथियों के उत्पात का मामला उठाया. विधायक के अल्प सूचित प्रश्न का उत्तर भी विभाग की ओर से दिया गया है. विधायक के प्रश्न को विभाग ने आंशिक रूप से सही बताया है. इसे भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-leadership-and-teamwork-taught-to-women-employees-of-bsl/">बोकारो

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मुआवजा बढ़ोत्तरी का मामला विचाराधीन

मकान व फसल बर्बादी का मुआवजा बढ़ाने के सवाल पर विभाग ने बताया कि मामला सरकार के पास विचाराधीन है. वहीं हाथियों के आतंक को रोकने के लिए विभाग द्वारा ठोस पहल नहीं किए जाने के सवाल पर बताया गया कि पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगली हाथी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. हाथी भोजन व पानी की तलाश में स्वभाविक रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक भ्रमण करते हैं. चांडिल वन प्रक्षेत्र में एक विशेष गश्ती दल हाथी भगाने में सक्रिय है. हाथियों के आगमन की सूचना मिलने पर विशेष गश्ती दल वनरक्षियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों के झुंड को जंगल की ओर ले जाने की कार्रवाई करते हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-two-minors-caught-stealing-silver-crown-from-mango-bada-hanuman-temple/">जमशेदपुर

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हाथियों के विचरण पर रोक लगाना कठिन कार्य

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगली हाथियों के विचरण पर पूर्ण रूप से रोक लगाना वन्यप्राणी संरक्षण के उद्देश्य से प्रतिकूल एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से अत्यंत कठिन कार्य है. साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के स्थायी अवरोध का निर्माण किए जाने से अंतरराज्यीय संबंधों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है. इसलिए वैसे सीमावर्ती क्षेत्र जहां पर इस प्रकार के अवरोध की अत्यंत आवश्यकता है, उन क्षेत्रों में पड़ोसी राज्यों के साथ विचार विमर्श कर और वन्यप्राणी विशेषज्ञों से राय लेकर निर्माण कार्य किया जा सकता है. [wpse_comments_template]

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